Neha Pachisia Case: रेड कॉर्नर नोटिस की मांग, तीनों आरोपियों के विदेश भागने की आशंका

कटनी। कटनी के चर्चित जमीन सौदा और पद के कथित दुरुपयोग के मामले में अब निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया समेत तीन आरोपियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की मांग की गई है। अधिवक्ता अविनाश तिवारी ने 16 सितंबर 2026 को विशेष न्यायाधीश, पीसी एक्ट, जिला न्यायालय कटनी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया है।
आवेदन में नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बरापात्रे और मरूफ अहमद हनफी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की मांग करते हुए मामले में जल्द सुनवाई और आवश्यक दिशा-निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। फिलहाल रेड कॉर्नर नोटिस जारी नहीं हुआ है।
विदेश भागने की जताई गई आशंका
अधिवक्ता के आवेदन में कहा गया है कि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक SIT अब तक तीनों आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इसी आधार पर आशंका जताई गई है कि आरोपी लुकआउट सर्कुलर जारी होने से पहले विदेश जा चुके हों या फर्जी दस्तावेजों के जरिए किसी दूसरे देश में पहुंच गए हों।
आवेदन में हवाई, जमीनी अथवा समुद्री मार्ग से देश से बाहर जाने की आशंका भी व्यक्त की गई है। अधिवक्ता ने न्यायालय से राज्य सरकार की स्टेटस रिपोर्ट तलब करने और मामले में जल्द आवश्यक निर्णय लेने का अनुरोध किया है।
हालांकि, आरोपियों के वास्तव में विदेश भाग जाने की पुष्टि नहीं हुई है। यह आशंका आवेदन में अधिवक्ता की ओर से व्यक्त की गई है।
पहले से लुकआउट नोटिस और इनाम घोषित
इस मामले में पुलिस की ओर से तीनों आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किए जाने और प्रत्येक पर ₹10 हजार का इनाम घोषित किए जाने की रिपोर्ट पहले ही सामने आ चुकी है। पुलिस ने विदेश जाने की संभावना को देखते हुए संबंधित एजेंसियों को अलर्ट किए जाने की जानकारी दी थी।
अब रेड कॉर्नर नोटिस की मांग सामने आने से मामला एक और कानूनी चरण में पहुंच गया है।
क्या है पूरा जमीन सौदा मामला?
मामला आदिवासी हत्या प्रकरण के आरोपी रमेश लोधी और उसके परिजनों को कथित तौर पर राहत पहुंचाने के दबाव तथा जमीन सौदे से जुड़ा है।
आरोप है कि निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए ऐसी जमीन के सौदे में भूमिका निभाई, जिसकी गाइडलाइन वैल्यू करीब ₹82.86 लाख बताई गई है। आरोपों के मुताबिक यह जमीन करीब ₹18 लाख में मरूफ अहमद हनफी के नाम कराए जाने की प्रक्रिया में भूमिका रही।
मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि जमीन सौदे से जुड़े लेनदेन में ₹15 लाख का चेक रमेश लोधी को दिया गया, जिसका कथित लिंक क्षितिज राज बरापात्रे से जोड़ा गया है। जांच से जुड़े आरोपों में क्षितिज के नेहा पच्चीसिया के सरकारी बंगले में रहने का भी उल्लेख किया गया है।
ये सभी आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया का विषय हैं। इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
शिकायत के बाद दर्ज हुई थी FIR
आकाश लोधी की शिकायत के आधार पर जबलपुर की ASP अनु बेनीवाल ने जांच रिपोर्ट तैयार की थी। इसी जांच के आधार पर 19 अगस्त 2026 को कटनी के कुठला थाने में नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बरापात्रे और मरूफ अहमद हनफी के खिलाफ FIR दर्ज की गई।
आरोपियों की तलाश और मामले की जांच के लिए ASP अंजना तिवारी के नेतृत्व में आठ सदस्यीय SIT गठित की गई। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी जोड़े जाने की रिपोर्ट है।
गिरफ्तारी नहीं होने पर बढ़ी कानूनी कार्रवाई
FIR के बाद गिरफ्तारी नहीं होने पर तीनों आरोपियों पर ₹10-10 हजार का इनाम घोषित किया गया और लुकआउट नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बावजूद उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
इसी पृष्ठभूमि में अब अधिवक्ता अविनाश तिवारी ने विशेष न्यायालय में रेड कॉर्नर नोटिस की मांग वाला आवेदन दिया है।
उधर, 16 सितंबर को नेहा पच्चीसिया की ओर से मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में FIR निरस्त करने और अंतरिम राहत से जुड़ी याचिका पर भी सुनवाई हुई। विभिन्न रिपोर्टों में अगली सुनवाई/आदेश की स्थिति को लेकर अंतर है, इसलिए इस पहलू पर न्यायालय के आधिकारिक आदेश को अंतिम आधार माना जाना उचित होगा।
रेड कॉर्नर नोटिस और लुकआउट नोटिस में अंतर
लुकआउट नोटिस का इस्तेमाल किसी व्यक्ति को देश से बाहर जाने से रोकने या उसकी यात्रा के संबंध में सुरक्षा/जांच एजेंसियों को अलर्ट करने के लिए किया जाता है। वहीं रेड कॉर्नर नोटिस किसी आरोपी या वांछित व्यक्ति के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पता लगाने और संबंधित देशों की पुलिस के सहयोग से उसे खोजने की प्रक्रिया से जुड़ा है।
इस मामले में फिलहाल रेड कॉर्नर नोटिस केवल मांग के स्तर पर है। विशेष न्यायालय में दाखिल आवेदन पर आगे क्या निर्देश दिए जाते हैं, यह अगली कानूनी कार्रवाई का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।





