MP Patwari Promotion: 1050 पटवारियों का होगा प्रमोशन, बनेंगे राजस्व निरीक्षक; कलेक्टरों से मांगा सर्विस रिकॉर्ड

भोपाल। मध्य प्रदेश के पटवारियों के लिए बड़ी खबर है। प्रदेश में 1,050 पटवारियों को राजस्व निरीक्षक (RI) के पद पर पदोन्नत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राजस्व विभाग और आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय ने इस संबंध में प्रदेश के सभी कलेक्टरों से पात्र पटवारियों की सेवा संबंधी जानकारी और दस्तावेज मांगे हैं।
यह प्रक्रिया लंबे समय से लंबित पटवारियों की पदोन्नति की मांग के बीच शुरू हुई है। विभाग ने इसके लिए प्राथमिक सूची तैयार की है और निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
1050 पटवारियों की प्राथमिक सूची तैयार
राजस्व विभाग की ओर से करीब 1,050 पटवारियों की प्राथमिक सूची तैयार की गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पदोन्नति प्रक्रिया सामान्य प्रशासन विभाग के पदोन्नति नियम-2025 तथा मध्य प्रदेश भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त तृतीय श्रेणी अराजपत्रित सेवा भर्ती नियम-2012 में 18 जून 2018 को किए गए संशोधन के प्रावधानों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।
विभाग ने जिलों से कहा है कि यदि पात्रता पूरी करने वाला कोई पटवारी प्राथमिक सूची में शामिल नहीं है, तो उसका नाम भी जोड़ा जाए। सूची में किसी कर्मचारी की जानकारी गलत होने पर दस्तावेजों के आधार पर उसमें सुधार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
50 साल से कम उम्र और जून 2007 तक नियुक्ति
पदोन्नति के लिए तैयार प्राथमिक सूची में 1 जनवरी 2026 की स्थिति में 50 वर्ष से कम आयु वाले पटवारियों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही पटवारी संवर्ग में उनकी नियुक्ति जून 2007 या उससे पहले की होना भी पात्रता से जुड़ी महत्वपूर्ण शर्त बताई गई है।
इसका मतलब है कि केवल उम्र के आधार पर सभी पटवारियों को पदोन्नति का लाभ नहीं मिलेगा। नियुक्ति की तारीख और अन्य सेवा संबंधी पात्रताओं की भी जांच की जाएगी।
कलेक्टरों से मांगा गया सर्विस रिकॉर्ड
पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए सभी जिलों के कलेक्टरों से संबंधित पटवारियों की सर्विस बुक, सेवा संबंधी अभिलेख, विभागीय जांच की स्थिति और गोपनीय प्रतिवेदन (CR) समेत आवश्यक जानकारी मांगी गई है।
निर्देशों के अनुसार संबंधित तहसीलदार, नायब तहसीलदार और भू-संसाधन प्रबंधन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी यह जानकारी जुटाकर कलेक्टर कार्यालय के माध्यम से भेजेंगे।
30 सितंबर तक देनी होगी जानकारी
विभाग ने संबंधित जिलों को मांगी गई जानकारी 30 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद प्राप्त सेवा रिकॉर्ड और निर्धारित नियमों के आधार पर पात्रता की जांच कर पदोन्नति की अगली प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
अभी प्रक्रिया सेवा रिकॉर्ड और पात्रता की जांच के चरण में है, इसलिए इसे सभी 1,050 पटवारियों की अंतिम पदोन्नति सूची के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
स्वामित्व योजना के बीच क्यों अहम है फैसला?
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि संबंधी काम और मुफ्त रजिस्ट्री की प्रक्रिया को लेकर पटवारी संवर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, पटवारियों की पदोन्नति की मांग लंबे समय से लंबित थी और अब सरकार ने इस दिशा में प्रक्रिया शुरू की है।
राजस्व विभाग की ओर से शुरू की गई मौजूदा कवायद पूरी होने के बाद पात्र कर्मचारियों को राजस्व निरीक्षक पद पर पदोन्नति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
पटवारियों को पदोन्नति से क्या बदलेगा?
राजस्व निरीक्षक पद पर पदोन्नति मिलने से पात्र पटवारियों की पदस्थिति और जिम्मेदारियों में बदलाव होगा। राजस्व प्रशासन में निरीक्षण, भू-अभिलेख और अन्य संबंधित कार्यों में राजस्व निरीक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
फिलहाल विभाग का फोकस पात्र कर्मचारियों का रिकॉर्ड जुटाने और उसकी जांच पूरी करने पर है। इसके बाद नियमों के अनुसार पदोन्नति की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।





