MP Teacher Recruitment Protest: शिक्षक भर्ती आंदोलन 30वें दिन, नरेंद्र राजपूत का निर्जला अनशन 9वें दिन

MP Teacher Recruitment Protest: शिक्षक भर्ती आंदोलन 30वें दिन, नरेंद्र राजपूत का निर्जला अनशन 9वें दिन
भोपाल। मध्य प्रदेश में वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन अब 30वें दिन पहुंच गया है। डीपीआई कार्यालय के सामने चल रहे इस प्रदर्शन को एक महीना पूरा हो गया है। वहीं राजगढ़ के ब्यावरा निवासी अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत का निर्जला अनशन 9वें दिन में प्रवेश कर गया है।
आंदोलनकारियों का दावा है कि लगातार पानी नहीं पीने के कारण नरेंद्र राजपूत की तबीयत बिगड़ रही है और वे बार-बार बेहोश हो रहे हैं। अभ्यर्थियों के मुताबिक उन्होंने नरेंद्र को अनशन समाप्त करने के लिए समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।
इससे पहले 17 सितंबर को भी विभिन्न रिपोर्टों में नरेंद्र के सात दिन से निर्जला अनशन पर होने और तबीयत बिगड़ने की जानकारी सामने आई थी।
नरेंद्र ने पहले ही जिम्मेदारी तय करने की बात कही
आंदोलनकारियों के अनुसार, नरेंद्र राजपूत ने पहले ही एक घोषणा-पत्र के माध्यम से कहा है कि यदि उनके साथ कोई अनहोनी होती है तो इसके लिए डीपीआई आयुक्त अभिषेक सिंह, स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को जिम्मेदार माना जाए।
यह बयान नरेंद्र राजपूत और आंदोलनकारियों की ओर से लगाया गया आरोप है। इसे किसी सरकारी जांच या न्यायिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता। नरेंद्र की ओर से जिम्मेदारी तय करने संबंधी घोषणा की रिपोर्ट 16 सितंबर को भी सामने आई थी।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि एक महीने से आंदोलन जारी रहने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उनका यह भी दावा है कि नरेंद्र की बिगड़ती तबीयत को लेकर पर्याप्त पहल नहीं की गई।
बारिश के बीच रात 1:30 बजे तक जारी रहा धरना
अभ्यर्थियों के मुताबिक गुरुवार-शुक्रवार की रात करीब 1:30 बजे तक डीपीआई के सामने प्रदर्शन जारी रहा। लगातार बारिश के कारण धरना स्थल पर अभ्यर्थियों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बारिश के चलते धरना स्थल पर सोना मुश्किल हो गया है और कई अभ्यर्थी पर्याप्त नींद नहीं ले पा रहे हैं। इससे पहले भी 17 सितंबर को डीपीआई कार्यालय के बाहर बारिश के बीच प्रदर्शन जारी रहने की रिपोर्ट सामने आई थी।
अभ्यर्थियों ने कहा कि रात देर तक संघर्ष जारी रखना पड़ रहा है और बारिश के बीच भी वे अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं।
वर्ग-2 में 10 हजार और वर्ग-3 में 25 हजार पद बढ़ाने की मांग
अभ्यर्थियों की मुख्य मांग वर्ग-2 माध्यमिक शिक्षक भर्ती में कम से कम 10,000 और वर्ग-3 प्राथमिक शिक्षक भर्ती में कम से कम 25,000 पद बढ़ाने की है। इसके साथ ही वे दूसरी काउंसलिंग शुरू करने की मांग भी कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिक्षक भर्ती परीक्षा में सफल होने के बावजूद सीमित पदों के कारण कई अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर नहीं मिल पा रहा है। उनका दावा है कि स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग में रिक्त पदों को देखते हुए भर्ती में पद बढ़ाए जा सकते हैं।
15 सितंबर की रिपोर्टों में भी अभ्यर्थियों की ओर से पदवृद्धि और दूसरी काउंसलिंग की यही मांग सामने आई थी।
आंदोलन के साथ बढ़ा स्वास्थ्य संकट
शिक्षक भर्ती पदवृद्धि आंदोलन के बीच नरेंद्र राजपूत का लगातार निर्जला अनशन अब प्रदर्शन का सबसे संवेदनशील पक्ष बन गया है। आंदोलनकारियों का दावा है कि उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है और वे कई बार बेहोश हो चुके हैं।
इससे पहले भी नरेंद्र की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें ठेले पर बैठाकर डीपीआई तक ले जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।
फिलहाल अभ्यर्थी पदवृद्धि और दूसरी काउंसलिंग की मांग पर कायम हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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