Neha Pachisia Case: निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया समेत 3 के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट, 25 सितंबर तक पेश करने के आदेश

कटनी। मध्य प्रदेश के चर्चित जमीन सौदे मामले में निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कटनी जिला न्यायालय ने नेहा पच्चीसिया समेत आरोपी क्षितिज राज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ अलग-अलग गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। अदालत ने पुलिस को तीनों को गिरफ्तार कर 25 सितंबर तक सक्षम मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए हैं।
तीनों के खिलाफ 19 अगस्त को कटनी के कुठला थाने में FIR दर्ज की गई थी। इसके बाद से पुलिस और SIT उनकी तलाश कर रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, अभी तक तीनों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
मियादी गिरफ्तारी वारंट जारी
मामले की जांच कर रही SIT ने जिला न्यायालय में तीनों आरोपियों के खिलाफ मियादी गिरफ्तारी वारंट जारी करने के लिए आवेदन दिया था। शुक्रवार को प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीषा जैन तिवारी की अदालत ने तीनों के खिलाफ अलग-अलग वारंट जारी किए।
वारंट की मियाद 25 सितंबर तक निर्धारित की गई है। अदालत के निर्देश के मुताबिक इस अवधि में पुलिस को आरोपियों को गिरफ्तार कर सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश करना है।
19 अगस्त को दर्ज हुई थी FIR
कटनी के कुठला थाने में 19 अगस्त को नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई।
पुलिस टीमों ने आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ उनसे जुड़े लोगों से पूछताछ भी की है। इससे पहले जिला अदालत में आरोपियों की ओर से अग्रिम जमानत के लिए भी आवेदन किए गए थे, जिन्हें अदालत ने खारिज कर दिया था।
क्या हैं मामले में आरोप?
FIR और जांच से जुड़े मामले में नेहा पच्चीसिया समेत तीनों आरोपियों पर पद के कथित दुरुपयोग, भ्रष्टाचार, हत्या के एक आरोपी को कथित लाभ पहुंचाने और जमीन सौदे में दबाव बनाने जैसे आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्टों में जमीन की कीमत और सौदे की रकम को लेकर भी गंभीर आरोपों का उल्लेख है।
इन आरोपों का अंतिम रूप से सत्यापन या न्यायिक निर्धारण अभी नहीं हुआ है। तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला फिलहाल जांच और न्यायिक प्रक्रिया में है।
हाईकोर्ट में भी चुनौती
नेहा पच्चीसिया ने FIR को निरस्त करने और गिरफ्तारी से राहत की मांग को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। 16 सितंबर को जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ के सामने मामले की सुनवाई हुई। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, अदालत ने राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा और तत्काल अंतरिम राहत नहीं दी।
एक रिपोर्ट के अनुसार, अगली सुनवाई 21 सितंबर को प्रस्तावित थी, जबकि अन्य रिपोर्टों में बाद की प्रक्रिया और तारीखों का अलग उल्लेख है। इसलिए हाईकोर्ट की अगली कार्यवाही की आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
जांच में सहयोग को लेकर सरकार का पक्ष
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से आरोप लगाया गया कि नेहा पच्चीसिया जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं। सरकार की ओर से उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। यह सरकार का पक्ष है; लुकआउट संबंधी कार्रवाई की अंतिम स्थिति अलग से आधिकारिक रूप से स्पष्ट होना बाकी है।
अब जिला अदालत के गिरफ्तारी वारंट के बाद पुलिस के सामने 25 सितंबर तक तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की समयसीमा है। दूसरी ओर, हाईकोर्ट में FIR को चुनौती देने वाली याचिका पर होने वाली सुनवाई भी मामले की आगे की कानूनी दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगी।





