MP News: मध्य प्रदेश में चीतों का तीसरा घर बना वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व, CM मोहन यादव ने छोड़े 2 चीते

सागर। मध्य प्रदेश में अब चीतों का तीसरा घर भी तैयार हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को सागर स्थित वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में कूनो से लाए गए दो चीतों को जंगल में छोड़ा। इससे पहले मध्य प्रदेश में कूनो नेशनल पार्क और गांधीसागर अभयारण्य में चीते मौजूद हैं।
वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने गिद्ध संख्या आकलन-2026 की रिपोर्ट भी जारी की। रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश में गिद्धों की संख्या में 123 प्रतिशत की रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने इसे वन्यजीव संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का परिणाम बताया।
बुंदेलखंड की पहचान अब चीतों से भी होगी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कूनो और गांधीसागर के बाद वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व तीसरा ऐसा क्षेत्र है, जहां बाघों के साथ चीतों की मौजूदगी भी होगी। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड की पहचान अब चीतों के नाम से भी होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि करीब 110 से 115 साल पहले मध्य प्रदेश में आखिरी बार चीता देखा गया था। वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में चीता प्रोजेक्ट शुरू किया गया। शुरुआती चुनौतियों के बाद अब मध्य प्रदेश में चीतों की संख्या बढ़कर 60 हो गई है। हाल ही में पांच नए शावकों के जन्म से भी परियोजना को बढ़ावा मिला है।
पर्यटन की कमाई में ग्रामीणों की हिस्सेदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभयारण्यों और पर्यटन क्षेत्रों से होने वाली आय में स्थानीय ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। इस साल अभयारण्यों से करीब 80 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ है, जिसमें से 20 करोड़ रुपये आसपास रहने वाले ग्रामीणों को दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि यह ग्रामीणों का अधिकार है, क्योंकि वे लंबे समय से अभयारण्यों के आसपास रह रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन से होने वाला लाभ स्थानीय लोगों तक भी पहुंचे।
गांवों में बनेंगे होम स्टे
मुख्यमंत्री ने बताया कि बफर जोन के गांवों में होम स्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है। ग्रामीण अपने घरों में एक से तीन कमरे बनाकर उन्हें पर्यटकों के लिए किराए पर दे सकेंगे। इसके लिए सरकार की ओर से दो से तीन लाख रुपये तक का अनुदान देने की व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण पर्यटन से जुड़कर अपनी आय बढ़ा सकेंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
गिद्धों की संख्या में 123 प्रतिशत बढ़ोतरी
कार्यक्रम के दौरान जारी गिद्ध संख्या आकलन-2026 रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश में गिद्धों की संख्या में 123 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में देश में सबसे ज्यादा गिद्धों के साथ बाघ, कछुए और घड़ियाल भी पाए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य जंगल और वन्यजीवों को सुरक्षित रखने के साथ मानव जीवन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी आगे बढ़ाना है।
पशुपालन और दूध उत्पादन को भी बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष के दौरान दूध उत्पादकों को भी बेहतर लाभ दिलाने पर ध्यान दिया जा रहा है। समितियों के माध्यम से उत्पादित दूध की उचित कीमत सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
खास तौर पर वन क्षेत्रों में, जहां खेती के लिए जमीन सीमित है, वहां पशुपालन और दूध उत्पादन को बढ़ावा देने की योजना पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वन्यजीव संरक्षण और ग्रामीण विकास के बीच बेहतर तालमेल बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बुंदेली बोली में लिखी गई ‘वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व’ पुस्तक का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक बुंदेलखंड की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को लोगों तक पहुंचाने में मदद करेगी।





