MP Youth Conclave 2026: जुबिन नौटियाल के प्रोग्राम में पुलिस-स्टूडेंट्स भिड़े, बैरिकेड पर चढ़े छात्र; कुर्सियां फेंकी

भोपाल। राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 में मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने युवाओं के सवालों के जवाब दिए और कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। हालांकि, कार्यक्रम के बाद सिंगर जुबिन नौटियाल की परफॉर्मेंस के दौरान बैरिकेडिंग को लेकर छात्रों और पुलिस के बीच विवाद हो गया।
जुबिन नौटियाल की परफॉर्मेंस शुरू होते ही बड़ी संख्या में छात्र बैरिकेडिंग के पास पहुंच गए। कुछ छात्र बैरिकेड्स पर चढ़ गए। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो विवाद बढ़ गया। इस दौरान कुछ छात्रों ने कुर्सियां फेंक दीं। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और कुछ छात्रों को थप्पड़ मारकर वहां से हटाया।
भीड़ में दबी छात्रा
हंगामे के दौरान एक छात्रा भी भीड़ में दब गई। मौके पर मौजूद लोगों और पुलिस ने स्थिति संभालने की कोशिश की। बैरिकेडिंग के पास छात्रों की भारी भीड़ जमा होने के कारण कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।
मुख्यमंत्री ने की कई बड़ी घोषणाएं
इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं से संवाद करते हुए 2027 को युवा वर्ष घोषित किया। उन्होंने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा साल में दो बार कराने समेत युवाओं से जुड़े कई ऐलान किए।
नशामुक्ति को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश को 2029 तक पूरी तरह नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए नशे के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
AI, स्टार्टअप और रोजगार पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल को AI सिटी, नॉलेज सिटी और साइंस सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए प्रति छात्र 5 लाख रुपये तक अनुदान देने और इंदौर, रीवा व उज्जैन में आईटी पार्क विकसित करने की बात कही गई।
उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के प्रबंधन के लिए AI तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
खेल और कृषि क्षेत्र में भी योजनाएं
मुख्यमंत्री ने भोपाल में अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित करने, स्कूलों में खेलों को बढ़ावा देने और प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों में खेल मैदान विकसित करने की बात कही।
कृषि क्षेत्र में युवाओं को जोड़ने के लिए ड्रैगन फ्रूट, मशरूम, ऑर्गेनिक और कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग को प्रोत्साहित करने की बात कही गई। खेत से फूड प्रोसेसिंग तक वैल्यू चेन विकसित करने और किसानों को 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।





