Narmadapuram Ration Scam: नर्मदापुरम में 1.04 करोड़ के राशन घोटाले का खुलासा, बाप-बेटे पर FIR के आदेश

नर्मदापुरम। मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS की दो दुकानों में करीब 1.04 करोड़ रुपये के खाद्यान्न की गड़बड़ी का मामला सामने आया है। जांच के दौरान ई-पॉस मशीन में दर्ज गेहूं और चावल के स्टॉक का मौके पर भौतिक सत्यापन किया गया तो रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर मिला।
जांच में दोनों दुकानों पर दर्ज खाद्यान्न की तुलना में मौके पर बेहद कम मात्रा में गेहूं और चावल पाया गया। मामले में प्रशासन ने दुकान संचालकों के खिलाफ FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
भौतिक सत्यापन में सामने आया बड़ा अंतर
जांच के दौरान PDS दुकान क्रमांक 2601055 के ई-पॉस रिकॉर्ड में 14,070 किलो गेहूं और 3,406 किलो चावल दर्ज था। लेकिन मौके पर जांच के दौरान केवल 300 किलो गेहूं और 100 किलो चावल मिला। इस दुकान से जुड़ी गड़बड़ी की राशि करीब 33.17 लाख रुपये बताई गई है।
इसी तरह दुकान क्रमांक 2601065 के रिकॉर्ड में 20,757 किलो गेहूं और 4,919 किलो चावल दर्ज था। भौतिक सत्यापन के दौरान यहां सिर्फ 400 किलो गेहूं और 200 किलो चावल मिला। इस दुकान में करीब 70.82 लाख रुपये की गड़बड़ी सामने आने की बात कही गई है।
इस तरह दोनों दुकानों से जुड़ी कुल राशि 1,03,99,851 रुपये बताई गई है।
कागजों में पहले ही बांट दिया गया राशन
जांच के दौरान राशन वितरण के रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल सामने आए। आरोप है कि मई 2025 में ही रिकॉर्ड में जून से अगस्त तक का राशन वितरित किया जाना दर्ज कर दिया गया था।
वहीं, स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक करीब 250 से 300 परिवारों को तीन महीने तक राशन नहीं मिला। मामले की जांच में रिकॉर्ड और मौके पर उपलब्ध खाद्यान्न के बीच अंतर को गंभीरता से लिया गया।
बाप-बेटे के खिलाफ FIR के निर्देश
मामले में प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी सरोज सिंह परिहार ने 28 सितंबर 2026 को आदेश जारी कर दोनों दुकानों के प्रबंधक और विक्रेता के खिलाफ FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए।
जांच के आधार पर दुकान प्रबंधक प्रकाश तिवारी और विक्रेता हर्ष तिवारी, जो पिता-पुत्र बताए गए हैं, के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी अमित साहू ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
1.03 करोड़ रुपये से ज्यादा की होगी वसूली
प्रशासन की ओर से दोनों दुकानों से जुड़ी 1,03,99,851 रुपये की राशि की वसूली की कार्रवाई भी की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक यह वसूली भू-राजस्व की बकाया राशि की तरह की जाएगी।
मामले में दोनों PDS दुकानों को निलंबित कर दिया गया है। संबंधित हितग्राहियों को राशन उपलब्ध कराने के लिए उन्हें नजदीकी जय भोले और बालागंज उपभोक्ता भंडार से संबद्ध किया गया है।
अब FIR और वसूली की कार्रवाई के साथ यह भी जांच का विषय रहेगा कि रिकॉर्ड में दर्ज खाद्यान्न और मौके पर मिले स्टॉक के बीच इतना बड़ा अंतर कैसे सामने आया।





