Rahul Gandhi Indore: ‘छात्रों की गूंज’ से पहले कांग्रेस का हमला, पटवारी-सिंघार बोले- कार्यक्रम होकर रहेगा

इंदौर। राहुल गांधी के 19 सितंबर को प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से एक दिन पहले इंदौर में कांग्रेस नेताओं ने प्रशासनिक तैयारियों, सुरक्षा शर्तों और कार्यक्रम स्थल को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार और बीजेपी पर कई आरोप लगाए।
राहुल गांधी का कार्यक्रम रीजनल पार्क के सामने स्थित IDA मैदान में होना है। इससे पहले नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिलने के बाद कांग्रेस ने वैकल्पिक मैदान लिया था। IDA ने 17 से 19 सितंबर के लिए मैदान का अस्थायी आवंटन किया है।
सुरक्षा की 31 शर्तों को लेकर कांग्रेस के सवाल
कार्यक्रम से पहले इंदौर पुलिस ने आयोजकों के सामने सुरक्षा से जुड़ी 31 शर्तें रखी हैं। रिपोर्टों के मुताबिक इन शर्तों में भीड़ प्रबंधन, स्वयंसेवकों की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जिम्मेदारियां शामिल हैं। पुलिस ने इन सुरक्षा प्रावधानों के संदर्भ में 1991 के राजीव गांधी हत्याकांड की जांच से जुड़ी जस्टिस जेएस वर्मा आयोग की रिपोर्ट का भी उल्लेख किया है।
जीतू पटवारी ने इस व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की सुरक्षा और कार्यक्रम की अनुमति को लेकर लगातार नए मुद्दे खड़े किए जा रहे हैं।
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस इन सभी परिस्थितियों के बावजूद ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित करेगी। उन्होंने इसे शिक्षा और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित कार्यक्रम बताया।
‘कार्यक्रम होकर रहेगा’
पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस कार्यक्रम को लेकर आने वाली सभी प्रशासनिक और आर्थिक शर्तों का सामना करेगी। उनका कहना था कि कार्यक्रम को रोकने की कोशिशों के बावजूद ‘छात्रों की गूंज’ का आयोजन होकर रहेगा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश में शिक्षा, भर्ती और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर युवाओं की आवाज उठाने की जरूरत है। पटवारी के इन बयानों को कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति के रूप में देखा जाना चाहिए; सरकार की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर अलग-अलग पक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं।
मैदान के अतिरिक्त भुगतान को लेकर भी विवाद
कार्यक्रम स्थल को लेकर नया विवाद IDA की ओर से अतिरिक्त भुगतान की मांग को लेकर सामने आया है। IDA ने कांग्रेस से करीब ₹4.03 लाख अतिरिक्त भुगतान करने को कहा था। प्राधिकरण के अनुसार 17 से 19 सितंबर की अनुमति के बावजूद मैदान के करीब 4,800 वर्गमीटर हिस्से का इस्तेमाल 14 सितंबर से ही शुरू कर दिया गया था।
कांग्रेस ने पहले मैदान के अस्थायी उपयोग के लिए करीब ₹10.08 लाख जमा किए थे। बाद में कांग्रेस ने अतिरिक्त ₹4.03 लाख भी जमा किए, जिससे स्थल के लिए कुल भुगतान करीब ₹14.11 लाख हो गया। इस भुगतान को लेकर भी कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप हुए हैं।
उमंग सिंघार ने सागर और देवास की घटनाओं का मुद्दा उठाया
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश सरकार पर सागर और देवास की घटनाओं को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार को उत्सव और कार्यक्रमों के साथ-साथ प्रदेश में हुई गंभीर घटनाओं पर भी ध्यान देना चाहिए।
सिंघार ने तीखे राजनीतिक अंदाज में कहा कि “इनके दीयों को बुझाने का काम प्रदेश के छात्र करेंगे।” यह बयान उन्होंने सरकार की नीतियों और छात्रों के मुद्दों को लेकर कांग्रेस के राजनीतिक अभियान के संदर्भ में दिया।
शिक्षा और रोजगार पर राहुल गांधी का कार्यक्रम
‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत राहुल गांधी छात्रों और युवाओं से शिक्षा, रोजगार और उनके सामने मौजूद चुनौतियों पर संवाद कर रहे हैं। इंदौर में होने वाला कार्यक्रम इस अभियान का पांचवां संस्करण बताया जा रहा है।
कांग्रेस इस कार्यक्रम को शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार और युवाओं की समस्याओं को उठाने के मंच के तौर पर पेश कर रही है। वहीं, बीजेपी और राज्य सरकार की ओर से कांग्रेस के आरोपों पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं।
19 सितंबर को राहुल गांधी के इंदौर पहुंचने से पहले कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। पुलिस के मुताबिक सुरक्षा व्यवस्था निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार की जा रही है।





