Rahul Gandhi Indore: ‘छात्रों की गूंज’ में खुलकर सामने आया युवाओं का दर्द, भर्ती-नर्सिंग और परीक्षा गड़बड़ियों पर उठे सवाल

इंदौर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शनिवार, 19 सितंबर को इंदौर पहुंचे। रीजनल पार्क के पास स्थित भारत जोड़ो मैदान में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में उन्होंने प्रदेशभर से आए युवाओं और छात्रों से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में बेरोजगारी, सरकारी भर्तियों में देरी, प्रतियोगी परीक्षाओं, नर्सिंग शिक्षा और कथित परीक्षा अनियमितताओं जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठे।
राहुल गांधी ने छात्रों की समस्याएं सुनने के बाद शिक्षा और रोजगार व्यवस्था को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छात्रों का सवाल पूछना जरूरी है और उन्हें अपने अधिकारों के लिए आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने मध्य प्रदेश के शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों के आंदोलन में शामिल होने की पेशकश भी की।
‘3 साल का कोर्स 6 साल में भी पूरा नहीं हुआ’
कार्यक्रम के दौरान नर्सिंग छात्रों ने अपनी परेशानियां राहुल गांधी के सामने रखीं। छात्रों की ओर से कहा गया कि 3 साल का नर्सिंग कोर्स 6 साल बीतने के बाद भी पूरा नहीं हो पाया है।
छात्रों ने बताया कि वे लंबे समय से परीक्षा, परिणाम और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इससे उनके करियर और रोजगार की संभावनाओं पर असर पड़ रहा है। मध्य प्रदेश में नर्सिंग छात्रों के आंदोलन और परीक्षा-परिणाम से जुड़े विवाद पहले भी सामने आते रहे हैं।
भर्ती परीक्षाओं और रिजल्ट को लेकर अभ्यर्थियों ने उठाए सवाल
कार्यक्रम में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों ने भी अपनी समस्याएं साझा कीं। छात्रों ने आरोप लगाया कि कई भर्ती प्रक्रियाओं में परीक्षा और चयन के बाद पदों को होल्ड कर दिया जाता है।
कुछ अभ्यर्थियों ने OBC आरक्षण और अदालत में लंबित मामलों का हवाला देते हुए परिणाम रोके जाने की शिकायत की। छात्रों का कहना था कि लगातार देरी के कारण उनकी उम्र, आर्थिक स्थिति और करियर पर असर पड़ रहा है।
कार्यक्रम में पीएमटी, कृषि भर्ती, पटवारी परीक्षा और व्यापमं से जुड़े पुराने विवादों का भी उल्लेख किया गया। छात्रों की ओर से कथित अनियमितताओं की जांच और भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की मांग उठाई गई। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि कार्यक्रम के दौरान नहीं हुई।
राहुल गांधी बोले- ‘सिस्टम छात्रों के सवालों से डरता है’
राहुल गांधी ने छात्रों की बात सुनने के बाद कहा कि युवा देश की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था छात्रों के सवाल पूछने और असहमति जताने से असहज होती है।
उन्होंने शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए कहा कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलना जरूरी है। राहुल गांधी ने छात्रों से कहा कि जब वे अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करें तो उन्हें बुलाएं, वे उनके साथ खड़े होंगे।
राहुल गांधी ने कार्यक्रम में शिक्षकों के खाली पदों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने देश में बड़ी संख्या में शिक्षक पद रिक्त होने का दावा किया। हालांकि, उनके द्वारा बताए गए आंकड़ों को स्वतंत्र सरकारी आंकड़ों से अलग से सत्यापित किए बिना निश्चित तथ्य के रूप में नहीं रखा जा सकता।
दिल्ली हादसे में जान गंवाने वाले अर्पित के परिजन मंच पर पहुंचे
कार्यक्रम के दौरान भावुक क्षण भी देखने को मिला। दिल्ली में हुए हादसे में जान गंवाने वाले देवास निवासी छात्र अर्पित जाज के परिजन उनकी तस्वीर लेकर मंच पर पहुंचे। परिजनों की मौजूदगी के दौरान कार्यक्रम का माहौल कुछ देर के लिए गमगीन हो गया।
इसके अलावा शिक्षक पात्रता परीक्षा वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थियों ने भी अपनी समस्याएं राहुल गांधी के सामने रखीं। अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया और नियुक्तियों में देरी को लेकर अपनी बात रखी।
शिक्षक अभ्यर्थियों के आंदोलन का भी मुद्दा उठा
मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का आंदोलन भी कार्यक्रम में प्रमुख मुद्दों में शामिल रहा। राहुल गांधी ने शिक्षक अभ्यर्थियों के आंदोलन में शामिल होने की पेशकश की। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहें।
कार्यक्रम का फोकस शिक्षा, सरकारी भर्ती, प्रतियोगी परीक्षाओं, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर रहा। इससे पहले भी ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रमों में राहुल गांधी छात्रों से शिक्षा और रोजगार से जुड़ी समस्याओं पर सीधे संवाद करते रहे हैं। इंदौर में आयोजित यह इस श्रृंखला का पांचवां कार्यक्रम बताया गया है।
राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर इंदौर में सुरक्षा व्यवस्था भी चर्चा में रही। पुलिस ने आयोजन के लिए 31 शर्तें रखी थीं, जिनमें सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन स्थल से जुड़े कई निर्देश शामिल थे। पुलिस ने इन शर्तों को सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बताया।
कार्यक्रम के समापन पर राहुल गांधी ने युवाओं को संबोधित किया और कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं। इसके बाद वे ‘लव यू इंदौर’ कहते हुए अगले कार्यक्रम के लिए रवाना हो गए।





