Shivpuri News: जीवित महिला को सरकारी रिकॉर्ड में मृत बताया, राशन कार्ड से नाम कटा; पत्नी को साथ लेकर दफ्तरों के चक्कर लगा रहा पति

शिवपुरी। सरकारी रिकॉर्ड में हुई एक गलती ने जरियाकला गांव के भारत जाटव और उनके परिवार की परेशानी बढ़ा दी है। भारत की पत्नी शुक्रवती जाटव जीवित हैं और उनके साथ रह रही हैं, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत दर्ज कर दिया गया। इसका असर अब राशन कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेजों पर भी पड़ रहा है।
स्थिति यह है कि अपनी पत्नी को सरकारी रिकॉर्ड में जीवित दर्ज कराने के लिए भारत जाटव उन्हें साथ लेकर अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं।
शादी के बाद सामने आई रिकॉर्ड की गड़बड़ी
भारत जाटव के मुताबिक करीब पांच साल पहले उनकी शादी दुल्हारा गांव की रहने वाली शुक्रवती से हुई थी। शादी के बाद कुछ समय तक शुक्रवती का नाम मायके के राशन कार्ड में दर्ज रहा और उन्हें उसी आधार पर खाद्यान्न भी मिलता था।
शादी के बाद जब उनका नाम पति के परिवार के राशन कार्ड में शामिल कराने की प्रक्रिया शुरू हुई, तब सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज गड़बड़ी सामने आई। राशन कार्ड से जुड़ी प्रक्रिया के दौरान पता चला कि शुक्रवती को सरकारी रिकॉर्ड में जीवित व्यक्ति के बजाय मृत दर्ज कर दिया गया है।
भारत का कहना है कि समग्र आईडी और खाद्यान्न पर्ची से जुड़े रिकॉर्ड को अपडेट करने के दौरान यह गलती हुई। नाम हटाने की प्रक्रिया में शुक्रवती को गलती से मृत व्यक्ति के रूप में दर्ज कर दिया गया।
पत्नी को साथ लेकर अधिकारियों के चक्कर
सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज होने का असर केवल राशन कार्ड तक सीमित नहीं रहा। समग्र आईडी और आधार से जुड़े कामों में भी परिवार को परेशानी आने लगी।
भारत के अनुसार, पत्नी उनके साथ सामान्य रूप से रह रही हैं और उनकी मौजूदगी के बावजूद सरकारी दस्तावेजों में उन्हें मृत बताया जा रहा है। रिकॉर्ड में सुधार कराने के लिए उन्होंने बैराड़ तहसील कार्यालय, जनपद पंचायत और पुलिस थाने तक संपर्क किया।
भारत का कहना है कि वह कई बार पत्नी को साथ लेकर अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों के सामने अपनी समस्या बता चुके हैं। आवेदन देने और लगातार संपर्क करने के बावजूद काफी समय तक पत्नी का नाम राशन कार्ड में नहीं जुड़ सका।
पंचायत सचिव ने मानी रिकॉर्ड में गलती
इस मामले में दुल्हारा पंचायत के सचिव मलखान सिंह बघेल ने रिकॉर्ड में हुई गड़बड़ी की पुष्टि की है।
सचिव के मुताबिक, समग्र आईडी और खाद्यान्न पर्ची को अपडेट करने के अभियान के दौरान पंचायत स्तर पर पुराने रिकॉर्ड की छंटनी की जा रही थी। इस दौरान गांव से बाहर रह रहे लोगों, मृत व्यक्तियों और शादी के बाद दूसरी जगह चली गई महिलाओं के नामों को रिकॉर्ड से हटाने की प्रक्रिया चल रही थी।
इसी दौरान शुक्रवती का नाम भी रिकॉर्ड से हटाया गया, लेकिन अपडेट करते समय उन्हें गलती से मृत व्यक्ति के तौर पर दर्ज कर दिया गया।
समग्र आईडी रिकवर, राशन कार्ड में नाम जुड़ना बाकी
सचिव ने बताया कि करीब एक महीने पहले जब इस गड़बड़ी की जानकारी सामने आई, तो रिकॉर्ड सुधारने की प्रक्रिया शुरू की गई। उनके मुताबिक शुक्रवती की समग्र आईडी रिकवर कर ली गई है।
अब जरियाकला पंचायत के परिवार रिकॉर्ड और राशन कार्ड में उनका नाम जोड़ने की प्रक्रिया बाकी है। पंचायत स्तर से आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिवार को उम्मीद है कि लंबे समय से चली आ रही यह परेशानी खत्म हो जाएगी।
भारत जाटव की मांग है कि पत्नी के सभी सरकारी रिकॉर्ड में उनकी वास्तविक स्थिति दर्ज की जाए, ताकि भविष्य में राशन, पहचान और सरकारी योजनाओं से जुड़े कामों में परिवार को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।





