Ujjain Shahi Masjid Row: शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने पर उज्जैन में बवाल, पथराव के बाद आंसू गैस; हाईकोर्ट में सुनवाई

Ujjain Shahi Masjid Row: शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने पर उज्जैन में बवाल, पथराव के बाद आंसू गैस; हाईकोर्ट में सुनवाई
उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण को लेकर सोमवार को तनाव की स्थिति बन गई। करीब 900 मीटर लंबे इस मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। सड़क की जद में आ रहे धार्मिक स्थलों में से अधिकांश को हटाया जा चुका है। इसी क्रम में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई के दौरान विरोध और पथराव की स्थिति बनी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि कार्रवाई पूरी शाही मस्जिद को हटाने की नहीं, बल्कि प्रस्तावित 15 मीटर सड़क के संरेखण में आने वाले हिस्से को हटाने की है। 9 सितंबर को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने मस्जिद प्रबंधन की दो याचिकाएं खारिज करते हुए नगर निगम की कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार किया था।
कार्रवाई के दौरान बढ़ा तनाव, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
सोमवार को शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया शुरू होने के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। पुलिस के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग को धकेलकर प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने की कोशिश की। इसके बाद स्थिति बिगड़ी और पथराव की घटना सामने आई।
पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाने और स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और क्षेत्र में आवाजाही को भी नियंत्रित किया गया।
रिपोर्टों के अनुसार, कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए करीब 2,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इससे पहले रविवार को RAF और STF के साथ 600 से अधिक पुलिसकर्मियों ने संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च भी किया था।
महिलाओं ने किया चक्काजाम
शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के विरोध में मुस्लिम महिलाओं ने नाका नंबर-5 के पास सड़क पर बैठकर चक्काजाम किया। बड़ी संख्या में महिलाओं के सड़क पर बैठने से यातायात प्रभावित हुआ।
पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर महिलाओं को समझाने और रास्ता खाली कराने का प्रयास किया। इस दौरान महिला पुलिस बल को भी तैनात किया गया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, विरोध के दौरान क्राइम ब्रांच की महिला थाना प्रभारी पुष्पा पांचाल के हाथ में चोट आई और उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
मस्जिद के प्रभावित हिस्से को लेकर पहले से चल रहा था विवाद
शाही मस्जिद का कुछ हिस्सा कंठाल-गोपाल मंदिर मार्ग के प्रस्तावित 15 मीटर चौड़ीकरण की जद में आ रहा है। नगर निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक, प्रभावित निर्माण का करीब 39.33 वर्ग मीटर हिस्सा सड़क के प्रस्तावित संरेखण में है। इसी कार्रवाई को लेकर मस्जिद प्रबंधन ने अदालत का रुख किया था।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने 9 सितंबर को दोनों याचिकाएं खारिज कर दी थीं। अदालत के आदेश में सड़क चौड़ीकरण को उज्जैन विकास योजना और सिंहस्थ-2028 के दौरान यातायात प्रबंधन से जोड़ते हुए नगर निगम की कार्रवाई में हस्तक्षेप नहीं किया गया।
हालांकि, इसके बाद मामले को आगे चुनौती दिए जाने की जानकारी भी सामने आई और सोमवार को इस पर सुनवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर नजर बनी रही।
प्रशासन का दावा- सभी समाजों से मिल रहा सहयोग
उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने सड़क चौड़ीकरण को सिंहस्थ-2028 की तैयारियों से जोड़ते हुए कहा कि मास्टर प्लान के अनुसार सड़क और अन्य विकास कार्य किए जा रहे हैं। प्रशासन के अनुसार, मार्ग की जद में आने वाले मकान, दुकान और धार्मिक स्थलों को संबंधित लोगों की सहमति से हटाया जा रहा है।
शाही मस्जिद के मामले में भी प्रशासन का कहना है कि समाज के लोग प्रभावित हिस्से को स्वयं हटाने की प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
धार्मिक स्थलों को हटाने को लेकर पहले भी सामने आया विरोध
कंठाल से गोपाल मंदिर मार्ग के चौड़ीकरण की प्रक्रिया में कई धार्मिक स्थलों को हटाने या स्थानांतरित करने का मामला पहले भी सामने आया है। खड़े हनुमान मंदिर को लेकर भी स्थानीय स्तर पर विरोध हुआ था। कुछ रिपोर्टों में उज्जैन के विभिन्न विकास कार्यों के दौरान 60 से अधिक मंदिरों को स्थानांतरित या हटाए जाने का उल्लेख किया गया है।
वहीं, शाही मस्जिद को लेकर विरोध का मुद्दा अब कानूनी प्रक्रिया से भी जुड़ा हुआ है। प्रशासन और पुलिस की ओर से संवेदनशील इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है।
सिंहस्थ के लिए क्यों जरूरी है सड़क चौड़ीकरण?
कंठाल चौराहा-गोपाल मंदिर मार्ग उज्जैन के पुराने शहर का महत्वपूर्ण मार्ग है। यह क्षेत्र महाकाल मंदिर, गोपाल मंदिर और आगे शिप्रा नदी की ओर जाने वाले मार्गों से जुड़ा है। हाईकोर्ट में नगर निगम की ओर से भी कहा गया था कि सिंहस्थ और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए यातायात व्यवस्था के लिए सड़क चौड़ीकरण आवश्यक है।
सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन में कई प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी हाल में शहर में चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्यों का निरीक्षण कर चुके हैं।
फिलहाल शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को लेकर विवाद के बीच पुलिस बल तैनात है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मामले में आगे की कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया पर सबकी नजर रहेगी।
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