Ujjain Shahi Masjid Row: वायरल वीडियो से पथराव तक… उज्जैन में पुलिस का बड़ा एक्शन, 5 सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर पर केस

उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन में शाही मस्जिद के सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाले हिस्से को हटाने को लेकर सोमवार को हुए विवाद के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने पथराव और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों की पहचान के साथ-साथ सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक और माहौल प्रभावित करने वाली सामग्री प्रसारित करने वालों पर भी कार्रवाई शुरू की है।
पुलिस के मुताबिक, 10 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है, जिनमें 5 सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर शामिल हैं। इन पर भ्रामक सामग्री और अफवाहें फैलाकर माहौल बिगाड़ने का आरोप है। वहीं, अलग-अलग अपडेट में पुलिस द्वारा कई लोगों की गिरफ्तारी और हिरासत की जानकारी सामने आई है।
पथराव के बाद लाठीचार्ज और आंसू गैस
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई सोमवार सुबह शुरू हुई। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।
पुलिस के मुताबिक, विरोध के दौरान स्थिति बिगड़ी और पुलिस पर पथराव किया गया। इसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। घटना में पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है।
बाद में एक बार फिर पथराव की स्थिति बनी, जिसके बाद पुलिस को दोबारा बल प्रयोग करना पड़ा। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 2,500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
सोशल मीडिया पर पुलिस की नजर
विवाद के दौरान शाही मस्जिद को लेकर सोशल मीडिया पर कई वीडियो और पोस्ट तेजी से प्रसारित हुए। पुलिस ने इन पोस्ट और वीडियो की निगरानी शुरू की।
पुलिस के मुताबिक, 5 सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर पर कथित तौर पर भ्रामक सामग्री प्रसारित करने और माहौल प्रभावित करने के आरोप में प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि संवेदनशील घटनाओं से जुड़ी अपुष्ट जानकारी को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, किसी पोस्ट या वीडियो के संबंध में आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
100 से ज्यादा Instagram अकाउंट ब्लॉक करने का दावा
स्थानीय स्तर पर सामने आए पुलिस अपडेट के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ाई गई है। आपके दिए विवरण में 7 FIR के बाद 100 से अधिक Instagram अकाउंट ब्लॉक किए जाने की बात कही गई है।
हालांकि, उपलब्ध स्वतंत्र रिपोर्टों में FIR और ब्लॉक किए गए अकाउंट की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। इसलिए इन आंकड़ों को फिलहाल पुलिस कार्रवाई के अपडेट के रूप में देखना उचित होगा।
पथराव करने वालों की भी पहचान
पुलिस की कार्रवाई सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है। शाही मस्जिद विवाद के दौरान पुलिस पर हुए पथराव और उपद्रव के मामले में भी वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर लोगों की पहचान की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, कई लोगों की पहचान की जा चुकी है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। शुरुआती रिपोर्टों में 10 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी, जबकि बाद के अपडेट में गिरफ्तारियों और FIR की संख्या बढ़ने की सूचना दी गई।
इस तरह पुलिस की कार्रवाई दो स्तरों पर चल रही है—मौके पर हिंसा और पथराव करने वालों की पहचान तथा सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई।
रात में सहमति के बाद सुबह कैसे बढ़ा विवाद?
इस पूरे घटनाक्रम में रविवार रात बनी सहमति भी महत्वपूर्ण है। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रशासन और शहर काजी के बीच मस्जिद के सड़क की जद में आने वाले हिस्से को हटाने को लेकर सहमति बनी थी।
इसके बावजूद सोमवार सुबह कार्रवाई शुरू होने से पहले बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। विरोध के दौरान सड़क पर प्रदर्शन और चक्काजाम की स्थिति बनी और बाद में पुलिस के साथ टकराव तथा पथराव हुआ।
पुलिस के मुताबिक, कुछ बाहरी लोगों के भी उज्जैन पहुंचने और माहौल प्रभावित करने की आशंका के चलते कार्रवाई की गई। अलग-अलग रिपोर्टों में ऐसे लोगों की गिरफ्तारी या हिरासत की जानकारी सामने आई है।
SP प्रदीप शर्मा का सख्त संदेश
उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने पूरे घटनाक्रम को लेकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया है। पुलिस की ओर से कहा गया है कि पथराव और शासकीय कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उज्जैन पुलिस की ओर से सोशल मीडिया यूजर्स से भी अपील की गई है कि संवेदनशील घटनाओं से संबंधित किसी भी वीडियो या जानकारी को बिना पुष्टि के साझा न करें। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हर सामग्री को सत्य मानना उचित नहीं है।
उज्जैन पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर भी एसपी प्रदीप शर्मा के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था और साइबर अपराधों की रोकथाम को पुलिस की प्राथमिकताओं में बताया गया है।
शाही मस्जिद विवाद में आगे क्या?
शाही मस्जिद विवाद में एक तरफ सड़क चौड़ीकरण से जुड़ी प्रशासनिक कार्रवाई जारी है, वहीं दूसरी तरफ सोमवार को हुए पथराव और कानून-व्यवस्था बिगड़ने के मामले में पुलिस जांच आगे बढ़ रही है।
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो, पोस्ट और अकाउंट की जांच के साथ पुलिस मौके पर मौजूद लोगों की पहचान के लिए CCTV और अन्य साक्ष्यों का इस्तेमाल कर रही है।
फिलहाल पुलिस का फोकस इलाके में शांति बनाए रखने, हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने और संवेदनशील मामले में अपुष्ट या भ्रामक सामग्री के प्रसार को रोकने पर है।





