Youth Congress Suspension: वोट बचाओ रैली में नहीं पहुंचने पर यूथ कांग्रेस के 202 पदाधिकारी निलंबित, मध्यप्रदेश के सबसे ज्यादा 60 नेताओं पर कार्रवाई

नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित INDIA गठबंधन की 'वोट बचाओ, देश बचाओ महारैली' में शामिल नहीं होना भारतीय युवा कांग्रेस के 202 पदाधिकारियों को भारी पड़ गया। संगठन ने सात राज्यों के 202 पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सबसे बड़ी कार्रवाई मध्यप्रदेश में हुई है, जहां युवा कांग्रेस के 60 पदाधिकारियों को निलंबित किया गया है। संगठन ने रैली में अनुपस्थिति और अनुशासनहीनता को कार्रवाई का आधार बताया है। निलंबित नेताओं में प्रदेश उपाध्यक्ष, महासचिव और सचिव स्तर के पदाधिकारी शामिल हैं।
मध्यप्रदेश के सबसे ज्यादा 60 पदाधिकारी निलंबित
भारतीय युवा कांग्रेस ने सात राज्यों में संगठनात्मक कार्रवाई की है। इनमें मध्यप्रदेश के सबसे ज्यादा 60 पदाधिकारियों को निलंबित किया गया है। इसके अलावा गुजरात के 49, झारखंड के 32, पश्चिम बंगाल के 26, तेलंगाना के 14, उत्तर प्रदेश मध्य क्षेत्र के 11 और हरियाणा के 10 पदाधिकारियों पर कार्रवाई हुई है। इस तरह कुल 202 पदाधिकारियों को संगठन से आगामी आदेश तक निलंबित किया गया है। कार्रवाई में प्रदेश स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे नेता भी शामिल हैं।
रैली में नहीं पहुंचे तो मांगा गया जवाब
जानकारी के अनुसार, एक नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित महारैली में शामिल होने के लिए युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए थे। सूत्रों के मुताबिक, जिन पदाधिकारियों ने रैली में हिस्सा नहीं लिया, उनसे अनुपस्थिति का कारण पूछा गया था। संबंधित नेताओं की ओर से दिए गए जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर निलंबन की कार्रवाई की गई। संगठन ने रैली में शामिल नहीं होने को अनुशासनहीनता मानते हुए यह फैसला लिया है।
मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस ने की कार्रवाई की पुष्टि
मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी कर पदाधिकारियों के निलंबन की पुष्टि की है। संगठन के अनुसार, एक नवंबर को दिल्ली में आयोजित वोट चोरी विरोधी रैली में अनुपस्थित रहने वाले पदाधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि संबंधित पदाधिकारियों को आगामी आदेश तक निलंबित किया गया है। प्रदेश युवा कांग्रेस के 60 पदाधिकारियों पर हुई कार्रवाई को संगठन में अनुशासन बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
अन्य राज्यों के नेताओं पर भी गिर सकती है गाज
युवा कांग्रेस की यह कार्रवाई फिलहाल सात राज्यों तक सीमित है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में अन्य राज्यों के पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है। राष्ट्रीय नेतृत्व संगठनात्मक कार्यक्रमों में पदाधिकारियों की भागीदारी और जिम्मेदारियों के निर्वहन को लेकर सख्त रुख अपना रहा है। युवा कांग्रेस का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है और संगठनात्मक निर्देशों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।
एक नवंबर को दिल्ली में हुई थी वोट बचाओ महारैली
दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर 2026 को INDIA गठबंधन की ओर से 'वोट बचाओ, देश बचाओ महारैली' आयोजित की गई थी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अध्यक्षता में आयोजित इस रैली में विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और वोट चोरी के आरोपों का मुद्दा उठाया था। रैली के माध्यम से विपक्ष ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की थीं। हालांकि, मतदाता सूची में गड़बड़ी और वोट चोरी से जुड़े आरोप विपक्ष के दावे हैं। इस रैली में युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों की भागीदारी को लेकर संगठन ने निर्देश जारी किए थे। अब अनुपस्थित रहने वाले नेताओं के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई से युवा कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक अनुशासन का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया है।





