अनूपपुर में 24 EVM गायब होने पर सुनील सराफ ने उठाए सवाल, 2023-24 की मशीनों के सत्यापन और SIT जांच की मांग

अनूपपुर। जिले के EVM वेयरहाउस से 24 मशीनें कम मिलने के मामले ने अब सियासी तूल पकड़ लिया है। मामले में कांग्रेस के पूर्व विधायक सुनील सराफ ने पूरे घटनाक्रम की SIT से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर EVM की सुरक्षा, रिकॉर्ड और सत्यापन प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए हैं।
अनूपपुर के पुराने तहसील कार्यालय के पीछे बने वेयरहाउस के भौतिक सत्यापन में 8 बैलेट यूनिट और 16 कंट्रोल यूनिट समेत कुल 24 EVM कम मिली हैं। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मशीनों को पुराने परिसर से नए स्थान पर शिफ्ट किए जाने के बाद 24 से 28 सितंबर के बीच सत्यापन में यह अंतर सामने आया।
2023-24 में इस्तेमाल मशीनों के सत्यापन की मांग
पूर्व विधायक सुनील सराफ ने आशंका जताई है कि यदि वेयरहाउस में रखी मशीनों के रिकॉर्ड और भौतिक उपलब्धता में अंतर सामने आया है तो 2023 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में इस्तेमाल हुई EVM के रिकॉर्ड का भी सत्यापन कराया जाना चाहिए।
उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी से मांग की है कि जिले में मौजूद सभी EVM मशीनों का राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में भौतिक सत्यापन कराया जाए, ताकि रिकॉर्ड और मौके पर उपलब्ध मशीनों का मिलान स्पष्ट हो सके।
टूटी दीवार और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
मामले में यह तथ्य भी सामने आया है कि 16 मार्च 2026 को EVM वेयरहाउस की पिछली दीवार क्षतिग्रस्त मिली थी। इसके बाद सितंबर में मशीनों को नए स्थान पर शिफ्ट किया गया और भौतिक सत्यापन के दौरान 24 मशीनें कम मिलीं। पुलिस अब मशीनों के सीरियल नंबर, उपलब्ध रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है।
सराफ ने वेयरहाउस के आसपास के CCTV फुटेज, स्टॉक रजिस्टर और EVM से जुड़े रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के बाद जिस स्तर पर भी लापरवाही या अनियमितता सामने आए, संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
FIR के बाद जांच जारी
फिलहाल 24 EVM के कम मिलने के मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अभी जांच से यह स्पष्ट होना बाकी है कि मशीनें कब और किन परिस्थितियों में वेयरहाउस से गायब हुईं। साथ ही, उपलब्ध रिपोर्टों में इन मशीनों के जरिए किसी चुनाव परिणाम को प्रभावित किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
अब सुनील सराफ की SIT जांच और व्यापक भौतिक सत्यापन की मांग के बाद मामले की जांच का दायरा बढ़ाने को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर नजरें टिकी हैं।





