Asaduddin Owaisi Bhopal: UCC पर ओवैसी का हमला, रामेश्वर शर्मा को दी चुनौती

भोपाल। AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को भोपाल के सेंट्रल लाइब्रेरी ग्राउंड में समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध में जनसभा को संबोधित किया। यह सभा AIMIM के UCC विरोधी अभियान का हिस्सा थी। ओवैसी ने UCC को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इसके जरिए गैर-हिंदू समुदायों पर एक समुदाय से जुड़े कानून लागू करने की कोशिश की जा रही है।
आदिवासियों को UCC से बाहर रखने पर ओवैसी का सवाल
ओवैसी ने मध्य प्रदेश की आदिवासी आबादी का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में आदिवासी समुदाय की आबादी करीब 21 प्रतिशत है और उन्हें UCC के दायरे से बाहर रखा गया है, जबकि मुस्लिम समुदाय को इसमें शामिल किया जा रहा है।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर आदिवासियों की अलग संस्कृति, परंपरा और पहचान को देखते हुए उन्हें UCC से बाहर रखा जा रहा है, तो मुसलमानों को इसके दायरे में क्यों लाया जा रहा है। ओवैसी ने इसे लेकर UCC की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
वहीं, UCC के समर्थक पक्ष की ओर से आदिवासी समुदायों को अलग रखने का तर्क उनकी विशिष्ट परंपराओं और प्रथाओं के संरक्षण से जुड़ा बताया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी UCC को लेकर हालिया बयान में NDA शासित राज्यों में इसे लागू करने की बात कही है।
‘UCC के जरिए RSS का एजेंडा चलाया जा रहा’
सभा में ओवैसी ने आरोप लगाया कि UCC के जरिए RSS का एजेंडा आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय के अपने धार्मिक और व्यक्तिगत कानून हैं और UCC से उनकी धार्मिक स्वतंत्रता तथा व्यक्तिगत कानून प्रभावित हो सकते हैं।
ओवैसी ने हिंदू मैरिज एक्ट, हिंदू सक्सेशन एक्ट और गोद लेने एवं भरण-पोषण से जुड़े कानूनों का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि ऐसे प्रावधानों को गैर-हिंदू समुदायों पर लागू करने का आधार क्या होगा।
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 का हवाला देते हुए धार्मिक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक अधिकारों की बात कही। उनका कहना था कि इन अधिकारों को प्रभावित करके कानून लागू नहीं किया जा सकता।
NDA सहयोगी दलों से UCC का विरोध करने की अपील
ओवैसी ने भाजपा के नेतृत्व वाले NDA के सहयोगी दलों से भी UCC पर अपना रुख स्पष्ट करने की अपील की। उन्होंने TDP, JDU, चिराग पासवान, एचडी कुमारस्वामी और जयंत चौधरी का नाम लेते हुए कहा कि अगर इन दलों का भाजपा से इस मुद्दे पर वैचारिक मतभेद है तो उन्हें खुलकर अपनी स्थिति सामने रखनी चाहिए।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब UCC को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस तेज है। अमित शाह ने हाल ही में कहा था कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा नेतृत्व वाले NDA के 21 राज्यों में UCC लागू किया जाएगा।
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा को दी चुनौती
भोपाल की सभा में ओवैसी ने भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के काजी कैंप से जुड़े पुराने ‘मिसाइल’ बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने शर्मा को काजी कैंप आने की चुनौती दी और उनके बयान पर सवाल उठाए।
ओवैसी ने काजी कैंप के इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े कई लोगों का भी उल्लेख किया। उनके इस बयान के बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
सागर जहरीली शराब मामले का भी मुद्दा उठाया
ओवैसी ने मध्य प्रदेश के सागर जिले में हुए जहरीली शराब मामले का भी उल्लेख किया और मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग की। उन्होंने भाजपा शासित राज्यों में मस्जिदों और कब्रिस्तानों को नुकसान पहुंचाए जाने के आरोप भी लगाए।
लव जिहाद से जुड़े सवाल पर ओवैसी ने कहा कि यदि दो बालिग अपनी इच्छा से विवाह करना चाहते हैं तो उन्हें रोकने का अधिकार सरकार या किसी अन्य व्यक्ति को नहीं होना चाहिए।
सोवियत यूनियन का उदाहरण देकर RSS पर टिप्पणी
सभा के दौरान ओवैसी ने सोवियत यूनियन का उदाहरण भी दिया। उन्होंने दावा किया कि कम्युनिस्ट शासन के दौरान मदरसों को बंद किए जाने के बावजूद मुस्लिम परिवारों ने अपने बच्चों की पढ़ाई घरों में जारी रखी।
इसी उदाहरण के जरिए उन्होंने RSS पर टिप्पणी करते हुए कहा कि धार्मिक पहचान और आस्था को केवल कानून बनाकर समाप्त नहीं किया जा सकता।
मध्य प्रदेश में UCC पर तेज हुई सियासी बहस
ओवैसी की भोपाल सभा ऐसे समय हुई है जब मध्य प्रदेश में UCC को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज है। AIMIM के अलावा मुस्लिम संगठनों की ओर से भी UCC के विरोध में कार्यक्रम किए जा रहे हैं। भोपाल में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से जुड़े नेताओं ने 17 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
UCC को लेकर केंद्र और विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच भी मतभेद सामने आ रहे हैं। NDA के कुछ सहयोगी दलों ने भी इस मुद्दे पर व्यापक विचार-विमर्श की जरूरत बताई है। ऐसे में ओवैसी की भोपाल सभा ने मध्य प्रदेश में चल रही UCC बहस को राजनीतिक रूप से और मुखर कर दिया है।





