Asaduddin Owaisi Bhopal Visit: भोपाल पहुंचे ओवैसी, UCC के विरोध में आज जनसभा; मंडला से भोजशाला तक MP में इन मुद्दों पर घेर चुके हैं सरकार

भोपाल। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी मंगलवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंच गए। राजा भोज एयरपोर्ट पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। ओवैसी एयरपोर्ट से सीधे होटल जहांनुमा के लिए रवाना हुए, जहां वे पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे।
इसके बाद शाम 7:30 बजे सेंट्रल लाइब्रेरी ग्राउंड में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध में AIMIM के अभियान का हिस्सा है। ओवैसी के भोपाल दौरे को लेकर पहले से ही राजनीतिक सरगर्मी बनी हुई है। कुछ संगठनों की ओर से गणेश उत्सव के दौरान कार्यक्रम रद्द करने की मांग भी की गई थी, लेकिन AIMIM ने कार्यक्रम तय समय पर आयोजित करने की बात कही।
ओवैसी का मध्य प्रदेश दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब UCC को लेकर देश में राजनीतिक बहस तेज है। एक दिन पहले ही ओवैसी ने UCC को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि भारत की पहचान विविधता और बहुलतावाद में है।
UCC के खिलाफ भोपाल में बड़ी सभा
भोपाल की जनसभा में ओवैसी UCC समेत मुस्लिम समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपना पक्ष रख सकते हैं। AIMIM की ओर से इसे UCC के खिलाफ अभियान का हिस्सा बताया गया है।
ओवैसी के दौरे से पहले ही कुछ मुस्लिम संगठनों ने कार्यक्रम का विरोध किया था। उनका तर्क था कि इस तरह के कार्यक्रमों से राजनीतिक ध्रुवीकरण बढ़ सकता है। वहीं AIMIM ने सभा को लेकर अपना कार्यक्रम जारी रखा।
अब नजर इस बात पर है कि भोपाल की सभा में ओवैसी मध्य प्रदेश की राजनीति और राज्य सरकार को लेकर क्या रुख अपनाते हैं।
मंडला बुलडोजर कार्रवाई पर सरकार को घेरा था
मध्य प्रदेश में ओवैसी इससे पहले भी कई मुद्दों पर सरकार को घेर चुके हैं। जून 2024 में मंडला जिले के भैंसवाही गांव में 11 मकानों पर प्रशासन की कार्रवाई को लेकर उन्होंने तत्कालीन घटनाक्रम पर सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी थी।
पुलिस और प्रशासन के अनुसार संबंधित मकानों में गोमांस, पशुओं की खाल और मवेशियों के अवशेष मिलने के आरोपों के बाद कार्रवाई की गई थी। ओवैसी ने इस कार्रवाई को लेकर सरकार पर मुस्लिम परिवारों को निशाना बनाने का आरोप लगाया और 2015 के मोहम्मद अखलाक हत्याकांड का संदर्भ दिया था।
ओवैसी ने सवाल उठाया था कि जिन राजनीतिक दलों को मुस्लिमों के वोट मिलते हैं, वे इस कार्रवाई पर चुप क्यों हैं।
उनके बयान पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पलटवार करते हुए कहा था कि “यह मध्य प्रदेश है, हैदराबाद नहीं।” मुख्यमंत्री ने कहा था कि राज्य में कानून-व्यवस्था के तहत कार्रवाई की जाएगी और किसी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं होगी।
भोजशाला विवाद पर भी तीखी प्रतिक्रिया
भोजशाला-कमाल मौला परिसर को लेकर भी ओवैसी मध्य प्रदेश सरकार और अदालत के फैसले पर सवाल उठा चुके हैं।
मई 2026 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने भोजशाला परिसर को देवी वाग्देवी/सरस्वती को समर्पित मंदिर और संस्कृत अध्ययन का केंद्र माना था। अदालत ने 2003 के ASI आदेश को भी रद्द कर दिया था, जिसके तहत हिंदुओं की पूजा मंगलवार तक सीमित और मुस्लिमों को शुक्रवार को नमाज की अनुमति थी।
इस फैसले के बाद ओवैसी ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयानों में फैसले पर असहमति जताई थी। उन्होंने मामले की तुलना बाबरी मस्जिद विवाद से करते हुए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दिए जाने की बात कही थी।
ओवैसी ने भोजशाला को लेकर अपने दावे में इसे लंबे समय से मस्जिद और वक्फ संपत्ति बताया था। हालांकि ये उनके राजनीतिक और कानूनी दावे हैं, जबकि हाईकोर्ट ने मई 2026 के अपने फैसले में परिसर की धार्मिक पहचान को मंदिर और संस्कृत अध्ययन केंद्र के रूप में माना है।
इंदौर दूषित पानी मामले में भी सरकार पर निशाना
जनवरी 2026 में इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद भी ओवैसी ने मध्य प्रदेश सरकार पर निशाना साधा था।
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया था कि उसका ध्यान मुस्लिमों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई जैसे मुद्दों पर अधिक है, जबकि लोगों को साफ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। ओवैसी ने दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए तीखी राजनीतिक टिप्पणी की थी।
भोपाल दौरे पर टिकी राजनीतिक नजर
ओवैसी का भोपाल दौरा केवल UCC विरोधी सभा तक सीमित नहीं माना जा रहा। AIMIM मध्य प्रदेश में अपने राजनीतिक आधार का विस्तार करने की कोशिश कर रही है और भोपाल की सभा को इसी रणनीति के एक हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है।
AIMIM की सभा को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध और समर्थन दोनों सामने आए हैं। ऐसे में शाम की जनसभा में ओवैसी के भाषण पर राजनीतिक दलों और संगठनों की नजर रहेगी।
खास तौर पर यह देखना अहम होगा कि ओवैसी UCC, मध्य प्रदेश सरकार, मंडला की कार्रवाई, भोजशाला विवाद और इंदौर के दूषित पानी मामले को किस तरह उठाते हैं और उनके बयान पर बीजेपी या मुख्यमंत्री मोहन यादव की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है।





