Owaisi vs Rameshwar Sharma: ओवैसी के ‘हिजड़ा’ वाले बयान पर रामेश्वर शर्मा का पलटवार, पूछा- क्या तुम हिजड़े की संतान हो?

भोपाल। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के बीच बयानबाजी अब और तीखी हो गई है। भोपाल में UCC विरोधी सभा के दौरान ओवैसी ने रामेश्वर शर्मा के काजी कैंप पर मिसाइल वाले बयान को लेकर उन्हें चुनौती दी थी। इसके जवाब में शर्मा ने ओवैसी पर पलटवार करते हुए बेहद आपत्तिजनक व्यक्तिगत टिप्पणी की। शर्मा ने कहा कि ओवैसी बैरिस्टर हैं तो उन्हें ‘बदतमीजी की भाषा’ छोड़ देनी चाहिए।
रामेश्वर शर्मा ने एक बयान में कहा कि वह भारत में रहने वाले किन्नर समुदाय का सम्मान करते हैं, लेकिन इसके बाद उन्होंने ओवैसी को लेकर आपत्तिजनक सवाल किया। यह टिप्पणी अब दोनों नेताओं के बीच चल रही राजनीतिक बयानबाजी का नया केंद्र बन गई है।
ओवैसी ने काजी कैंप में मिसाइल गिराने की दी थी चुनौती
दरअसल, 15 सितंबर को भोपाल के सेंट्रल लाइब्रेरी ग्राउंड में UCC के विरोध में आयोजित सभा में असदुद्दीन ओवैसी ने रामेश्वर शर्मा के उस बयान का जिक्र किया था, जिसमें उन्होंने करोंद चौराहे से काजी कैंप पर मिसाइल गिराने की बात कही थी।
ओवैसी ने शर्मा को चुनौती देते हुए कहा था कि अगर उनमें हिम्मत है तो काजी कैंप आकर मिसाइल लॉन्च करके दिखाएं। उन्होंने कहा था कि वह काजी कैंप में अकेले खड़े रहेंगे। इस दौरान ओवैसी ने शर्मा के लिए भी अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल किया था।
‘मिसाइल इस्लामाबाद में गिरी तो आतंकवादी रो रहे थे’
ओवैसी के बयान पर जवाब देते हुए रामेश्वर शर्मा ने भारत की सैन्य ताकत और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा तैयार मिसाइलों का इस्तेमाल भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में किया और देश की ताकत दिखाई।
शर्मा ने दावा किया कि जब मिसाइल इस्लामाबाद में गिरी तो वहां आतंकवादी और कट्टरपंथी रो रहे थे, जबकि भारत में ओवैसी जैसे लोग विरोध कर रहे थे। उन्होंने अपने पुराने बयान पर कायम रहने की बात भी कही और कहा कि जहां आतंकवाद या भारत विरोधी गतिविधियों के कैंप होंगे, वहां भारत की मिसाइल तैयार है।
‘पूरा भाषण सुनो, वकील हो तो कोर्ट ले जाओ’
रामेश्वर शर्मा ने ओवैसी से कहा कि वह उनके पुराने बयान का पूरा संदर्भ सुनें। उन्होंने कहा कि ओवैसी खुद वकील हैं, इसलिए अगर उन्हें बयान पर आपत्ति है तो वह अदालत का रुख कर सकते हैं।
काजी कैंप वाले बयान को लेकर शर्मा पहले भी स्पष्टीकरण दे चुके हैं। सितंबर के पहले सप्ताह में सामने आए वीडियो में उन्हें करोंद चौराहे से काजी कैंप की ओर मिसाइल गिराने की बात कहते सुना गया था। बाद में उन्होंने कहा था कि उनका संदर्भ भोपाल के काजी कैंप से नहीं, बल्कि इस्लामाबाद के काजी कैंप से था।
UCC पर भी ओवैसी को घेरा
रामेश्वर शर्मा ने UCC के मुद्दे पर भी ओवैसी के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब राजनीतिक दल हिंदुओं से वोट मांगते हैं तो हिंदू कानून को लेकर आपत्ति क्यों होनी चाहिए।
उन्होंने UCC के समर्थन में अपने तर्क रखते हुए परिवार और विवाह व्यवस्था को लेकर भी टिप्पणी की। शर्मा ने दावा किया कि केंद्र सरकार की घोषणा के अनुसार 2029 तक 21 राज्यों में UCC लागू हो जाएगा और मध्य प्रदेश में भी इसे लागू किए जाने की बात कही।
UCC को लेकर ओवैसी का रुख इससे बिल्कुल अलग है। भोपाल की सभा में उन्होंने UCC को धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों से जोड़ते हुए इसका विरोध किया था और NDA के सहयोगी दलों से भी इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की अपील की थी।
काजी कैंप वाले बयान से शुरू हुआ विवाद
पूरे विवाद की शुरुआत सितंबर के पहले सप्ताह में सामने आए रामेश्वर शर्मा के वीडियो से हुई। वीडियो में वह करोंद चौराहे से काजी कैंप पर मिसाइल गिराने की बात कहते नजर आए थे। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि वह भोपाल नहीं बल्कि पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थित काजी कैंप की बात कर रहे थे।
इसके बाद 15 सितंबर को ओवैसी ने भोपाल में UCC विरोधी सभा के मंच से इसी बयान को लेकर शर्मा को खुली चुनौती दी। ओवैसी के बयान के एक दिन बाद शर्मा ने जवाब देते हुए व्यक्तिगत टिप्पणी कर दी।
इस तरह काजी कैंप से शुरू हुआ विवाद अब मिसाइल वाले बयान से आगे बढ़कर दोनों नेताओं की व्यक्तिगत बयानबाजी तक पहुंच गया है। दोनों पक्षों के बयानों को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया आने का सिलसिला जारी है।





