MP Teacher Recruitment 2025: पद बढ़ाने और दूसरी काउंसलिंग की मांग, 26वें दिन DPI पहुंची अभ्यर्थियों की रैली

भोपाल। मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती परीक्षा 2025 में पदों की संख्या बढ़ाने और वर्ग-2 व वर्ग-3 की द्वितीय काउंसलिंग शुरू करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन मंगलवार को 26वें दिन भी जारी रहा। भोपाल के नीलम पार्क में धरना दे रहे वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थियों ने मंगलवार को नीलम पार्क से लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) कार्यालय तक रैली निकाली और सरकार से अपनी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की।
रैली में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष अभ्यर्थी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तिरंगा और मांगों से जुड़ी तख्तियां थीं। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। पिछले पांच दिनों से निर्जला उपवास कर रहे ब्यावरा निवासी नरेंद्र राजपूत को अभ्यर्थी ठेले पर बैठाकर रैली में लेकर पहुंचे।
26 दिन से जारी है आंदोलन
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे करीब 11 महीने से शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने और द्वितीय काउंसलिंग शुरू करने की मांग को लेकर अलग-अलग स्तर पर आंदोलन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि लंबे समय से मांग उठाने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक पद वृद्धि और दूसरी काउंसलिंग को लेकर फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। रैली के दौरान नरेंद्र राजपूत ने हाथों में महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्र लेकर विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान एक महिला अभ्यर्थी के चक्कर खाकर गिरने की जानकारी भी सामने आई। अभ्यर्थियों का कहना है कि लगातार आंदोलन और उपवास के कारण कई प्रदर्शनकारियों की तबीयत प्रभावित हो रही है।
वर्ग-2 में 10 हजार, वर्ग-3 में 25 हजार पद बढ़ाने की मांग
अभ्यर्थियों की सबसे प्रमुख मांग शिक्षक भर्ती में रिक्तियों की संख्या बढ़ाने की है। उनका कहना है कि वर्ग-2 में प्रत्येक विषय में कम से कम 3 हजार पद या पूरे वर्ग-2 में न्यूनतम 10 हजार पद बढ़ाए जाएं।
इसी तरह वर्ग-3 प्राथमिक शिक्षक भर्ती में कम से कम 25 हजार पद बढ़ाने की मांग की जा रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि दोनों वर्गों में द्वितीय काउंसलिंग जल्द शुरू की जानी चाहिए, ताकि उपलब्ध रिक्त पदों के अनुसार अधिक से अधिक योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर मिल सके।
5 दिन से निर्जला उपवास पर नरेंद्र राजपूत
ब्यावरा निवासी नरेंद्र राजपूत पिछले पांच दिनों से अन्न-जल त्यागकर निर्जला उपवास कर रहे हैं। आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि लगातार उपवास के कारण उनकी तबीयत बिगड़ रही है।
नरेंद्र और अन्य अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षक पद खाली होने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया में अपेक्षाकृत कम पद रखे गए हैं। उनका तर्क है कि रिक्त पदों को भर्ती के दायरे में शामिल किया जाए, जिससे बेरोजगार युवाओं को रोजगार का अवसर मिलने के साथ सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी भी दूर हो सके।
1.15 लाख से ज्यादा पद खाली होने का अभ्यर्थियों का दावा
अभ्यर्थियों ने विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया है कि मध्य प्रदेश में 2,89,005 स्वीकृत शिक्षक पदों में से 1,74,419 पदों पर ही शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि करीब 1.15 लाख पद खाली हैं।
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक प्रदेश के 83,514 स्कूलों में 1,968 स्कूल ऐसे हैं, जहां सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे पढ़ाई संचालित हो रही है। वहीं 46,417 स्कूलों में केवल दो शिक्षक कार्यरत होने का भी दावा किया गया है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि इन रिक्तियों के अनुपात में शिक्षक भर्ती के पद बढ़ाए जाते हैं, तो इससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को भी कम किया जा सकेगा। ये आंकड़े अभ्यर्थियों की ओर से प्रस्तुत किए गए हैं।
भोपाल में पहले भी कर चुके हैं प्रदर्शन
शिक्षक भर्ती में पद वृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थी पिछले कई महीनों से भोपाल में अलग-अलग चरणों में प्रदर्शन कर चुके हैं। उनके मुताबिक नवंबर 2025 से लेकर जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल और मई 2026 तक आंदोलन किए गए।
फरवरी में कुछ अभ्यर्थियों ने मुंडन कराकर और मार्कशीट जलाकर भी विरोध जताया था। इसके बाद नीलम पार्क में लगातार धरना शुरू किया गया। अब यह आंदोलन 26वें दिन तक पहुंच गया है।
विपक्षी नेताओं का भी मिला समर्थन
अभ्यर्थियों के आंदोलन को विपक्षी नेताओं का भी समर्थन मिल चुका है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव सहित अन्य नेताओं ने उनकी मांगों का समर्थन किया है।
अभ्यर्थियों का दावा है कि दिग्विजय सिंह ने पहले शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से फोन पर बात कर नरेंद्र राजपूत का अनशन खत्म कराने की पहल भी की थी।
मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
अभ्यर्थियों ने कहा है कि यदि सरकार ने जल्द ही शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने और वर्ग-2 व वर्ग-3 की द्वितीय काउंसलिंग को लेकर निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने जरूरत पड़ने पर शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री निवास के घेराव जैसे कदम उठाने की चेतावनी भी दी है। फिलहाल नीलम पार्क से रैली निकालने के बाद अभ्यर्थी लोक शिक्षण संचालनालय के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों की मांग है कि शिक्षक भर्ती परीक्षा 2025 में रिक्त पदों को ध्यान में रखते हुए भर्ती के पद बढ़ाए जाएं और वर्ग-2 तथा वर्ग-3 दोनों में द्वितीय काउंसलिंग जल्द शुरू की जाए।





