भोपाल-इंदौर मास्टर प्लान पर कांग्रेस का अल्टीमेटम, 3 महीने में फैसला नहीं तो 50 हजार लोगों के साथ पदयात्रा

भोपाल। भोपाल और इंदौर के मास्टर प्लान को लेकर मध्य प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस ने मोहन यादव सरकार को दोनों शहरों का मास्टर प्लान जारी करने के लिए तीन महीने का अल्टीमेटम दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि यदि तीन महीने के भीतर भोपाल और इंदौर का मास्टर प्लान जारी नहीं किया गया तो कांग्रेस 50 हजार लोगों के साथ इंदौर से भोपाल तक पदयात्रा निकालेगी।
पटवारी ने यह ऐलान पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता पीसी शर्मा के भोपाल मास्टर प्लान की मांग को लेकर किए गए 31 घंटे के उपवास और धरने के समापन कार्यक्रम में किया। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान जारी नहीं होने की स्थिति में कांग्रेस मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करेगी।
‘20 साल से BJP की सरकार, फिर भी नहीं आया मास्टर प्लान’
जीतू पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश में बीजेपी की सरकार को करीब 20 साल हो चुके हैं, लेकिन भोपाल का मास्टर प्लान अब तक जारी नहीं हो पाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि राजधानी के विकास और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान जारी करने में इतनी देरी क्यों हो रही है।
पटवारी ने कहा कि जनता ने बीजेपी को केंद्र और राज्य दोनों जगह सरकार बनाने का मौका दिया। लोगों ने सांसद, विधायक और महापौर चुने, लेकिन अब कांग्रेस के मुताबिक यही सरकार जनता की समस्याओं का समाधान नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा, “अब मोदी... मोदी... मोदी नहीं, बल्कि राहुल... राहुल... राहुल होने लगा है।”
मीडिया पर भी पटवारी ने उठाए सवाल
पीसीसी चीफ ने मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि टीवी चैनल और अखबार मुख्यमंत्री से यह सवाल नहीं पूछते कि भोपाल का मास्टर प्लान आखिर क्यों अटका हुआ है।
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस विपक्ष में रहते हुए राजनीतिक भूमिका के साथ-साथ जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने का काम कर रही है। मास्टर प्लान को लेकर भी पार्टी लगातार सरकार पर दबाव बनाएगी।
बीजेपी सरकार पर तीखा हमला
कार्यक्रम के दौरान पटवारी ने मध्य प्रदेश सरकार की नीतियों को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने बालाघाट, सागर, छिंदवाड़ा और इंदौर में हुई विभिन्न घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
पटवारी ने बीजेपी सरकार के लिए “कैंसर का कीटाणु” जैसी तीखी टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता से जुड़े मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।
ये आरोप कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान लगाए हैं। सरकार या बीजेपी की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।
पीसी शर्मा बोले- 21 साल से नहीं आया भोपाल का मास्टर प्लान
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि नियमानुसार हर दस साल में मास्टर प्लान आना चाहिए, लेकिन भोपाल का मास्टर प्लान लंबे समय से लंबित है। उनके मुताबिक इससे शहर के रहवासी और कारोबारी दोनों परेशान हैं।
शर्मा ने आरोप लगाया कि आवासीय और व्यावसायिक जमीन से जुड़े आर्थिक हितों के कारण बीजेपी के नेता और अधिकारी मास्टर प्लान जारी नहीं होने दे रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि भोपाल का आखिरी मास्टर प्लान 1995 में तत्कालीन दिग्विजय सिंह सरकार के समय आया था, जिसे 2005 तक के लिए बनाया गया था। इसके बाद नया मास्टर प्लान लागू नहीं हो सका।
तीन महीने बाद बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी
पीसी शर्मा ने भी कहा कि यदि तीन महीने के भीतर भोपाल का मास्टर प्लान जारी नहीं किया गया तो कांग्रेस बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी। इसके तहत 50 हजार लोगों के साथ इंदौर से भोपाल तक पदयात्रा निकालने और मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की चेतावनी दी गई है।
कांग्रेस के इस ऐलान के बाद अब सरकार पर भोपाल और इंदौर के मास्टर प्लान को लेकर दबाव बढ़ गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है।
कार्यक्रम में कांग्रेस के कई नेता मौजूद
31 घंटे के उपवास और धरने के समापन कार्यक्रम में विधायक नितेंद्र सिंह राठौर, मुकेश नायक समेत कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मास्टर प्लान को लेकर सरकार से जल्द फैसला लेने की मांग की।
अब देखना होगा कि कांग्रेस के तीन महीने के अल्टीमेटम के बाद सरकार दोनों शहरों के मास्टर प्लान को लेकर क्या कदम उठाती है।




