Bhopal Sealing Action: भोपाल में फिर शुरू होगी सीलिंग कार्रवाई, पहले नोटिस फिर लगेगी सील; जानें किसे मिलेगी राहत

Bhopal Sealing Action: भोपाल में फिर शुरू होगी सीलिंग कार्रवाई, पहले नोटिस फिर लगेगी सील; जानें किसे मिलेगी राहत
भोपाल। रिहायशी इलाकों में दुकान, शोरूम और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वालों की चिंता एक बार फिर बढ़ सकती है। करीब एक महीने से रुकी नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई अब दोबारा शुरू होने की तैयारी है। निगम नए मास्टर प्लान-2047 के ड्राफ्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई के लिए नई कार्ययोजना तैयार कर रहा है।
नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर भुवन गुप्ता के मुताबिक, ड्राफ्ट मास्टर प्लान में प्रस्तावित प्रावधानों के आधार पर एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन भी सुनिश्चित किया जाएगा। हालांकि, सीलिंग अभियान कब से शुरू होगा और किन इलाकों से इसकी शुरुआत होगी, इसकी आधिकारिक तारीख अभी तय नहीं हुई है।
किन दुकानों को मिल सकती है राहत?
मास्टर प्लान-2047 के ड्राफ्ट में विकसित रिहायशी इलाकों में पहले से संचालित कुछ गैर-रिहायशी गतिविधियों को निर्धारित शर्तों और शुल्क के साथ नियमित करने का प्रस्ताव है। ऐसे प्रतिष्ठानों को राहत मिलने की संभावना हो सकती है, जो ड्राफ्ट जारी होने से पहले से संचालित थे और नियमितीकरण की पात्रता पूरी करते हैं।
इसके लिए संपत्ति के पुराने उपयोग, गैर-रिहायशी दर से जमा किए गए प्रॉपर्टी टैक्स और व्यावसायिक उपयोग के बिजली कनेक्शन जैसे रिकॉर्ड देखे जा सकते हैं। हालांकि, केवल पुरानी दुकान या व्यावसायिक प्रतिष्ठान होने से नियमितीकरण का अधिकार नहीं मिलेगा। संबंधित संपत्ति को सड़क की चौड़ाई, पार्किंग और अन्य निर्धारित नियमों की शर्तें भी पूरी करनी होंगी।
किन निर्माणों पर गिर सकती है गाज?
ड्राफ्ट में कुछ श्रेणियों को नियमितीकरण के दायरे से बाहर रखने का प्रस्ताव है। इनमें बिना मंजूरी के बने निर्माण, अनधिकृत कॉलोनियां और सामने की खुली जगह या पार्किंग पर कब्जा जैसी स्थितियां शामिल हैं।
इसके अलावा ग्रीन एरिया, जलाशय, वन क्षेत्र और प्रस्तावित सड़क की जमीन पर किए गए निर्माण या व्यावसायिक उपयोग को भी नियमितीकरण की राहत नहीं मिलने की बात कही गई है। ऐसे मामलों में लागू नियमों और न्यायालय के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की स्थिति बन सकती है।
हालांकि, किसी खास दुकान या प्रतिष्ठान को सील किया जाएगा या नहीं, इसका अंतिम फैसला निगम की जांच और संबंधित नियमों के आधार पर ही होगा।
सड़क की चौड़ाई से तय होगा कारोबार
रिहायशी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति का दायरा सड़क की चौड़ाई से भी जुड़ा होगा। ड्राफ्ट के मुताबिक, 12 मीटर से कम चौड़ी सड़कों पर सीमित रिहायशी और प्रोफेशनल गतिविधियों की अनुमति का प्रावधान है।
सड़क की चौड़ाई बढ़ने के साथ बैंक, मेडिकल स्टोर, रेस्टोरेंट और शोरूम जैसी गतिविधियों की अनुमति का दायरा भी बढ़ सकता है। इसके अलावा गैर-रिहायशी उपयोग को सामान्य तौर पर स्वीकृत एफएआर के 50 प्रतिशत तक सीमित रखने का प्रस्ताव है।
इसका मतलब है कि एक ही रिहायशी इलाके में चल रहे दो व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर नियम उनकी अलग-अलग परिस्थितियों के आधार पर लागू हो सकते हैं।
फीस देकर नियमित कराने का प्रस्ताव
पात्र संपत्ति मालिकों के लिए उपयोग परिवर्तन शुल्क के जरिए नियमितीकरण का भी प्रस्ताव है। इसके तहत कमर्शियल और रिहायशी कलेक्टर गाइडलाइन दरों के अंतर का 20 प्रतिशत उपयोग परिवर्तन शुल्क देना पड़ सकता है।
इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर शुल्क, पार्किंग मुआवजा और अन्य कानूनी शुल्क भी लागू हो सकते हैं। ड्राफ्ट में अंतिम विकास योजना अधिसूचित होने के बाद पात्र मामलों में नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक साल का समय देने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
हालांकि, यह प्रावधान अभी मास्टर प्लान-2047 के ड्राफ्ट का हिस्सा है। इसलिए इसे फिलहाल सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को मिली तत्काल छूट नहीं माना जा सकता।
एक महीने से रुकी थी कार्रवाई
मास्टर प्लान-2047 का ड्राफ्ट सामने आने के बाद रिहायशी इलाकों में चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को लेकर व्यापारियों के बीच यह भ्रम पैदा हुआ कि अब सीलिंग कार्रवाई नहीं होगी। इसी दौरान नगर निगम का अभियान भी करीब एक महीने से रुका हुआ है।
अब निगम नए सिरे से कार्ययोजना तैयार कर रहा है। संभावित प्रक्रिया में पहले संबंधित प्रतिष्ठानों की स्थिति की जांच, फिर नोटिस और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सीलिंग जैसी कार्रवाई शामिल हो सकती है।
फिलहाल अभियान की शुरुआत की तारीख और पहले किन इलाकों में कार्रवाई होगी, इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। निगम अधिकारियों के मुताबिक, आगे की कार्रवाई मास्टर प्लान के प्रस्तावित प्रावधानों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप की जाएगी।
The Naradmuni Desk

लेखक के बारे में

The Naradmuni Desk

Naradmuni News Network

The Naradmuni-Credible source of investigative news stories from Central India.

View all posts by The Naradmuni Desk →