भोपाल में आदिवासी छात्रों से अभद्रता करने वाले टीआई रतन सिंह परिहार सस्पेंड, CM मोहन यादव ने लिया संज्ञान

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आदिवासी छात्रों के प्रदर्शन के दौरान अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के मामले में मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार को निलंबित कर दिया गया है। छात्रों के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले का संज्ञान लिया। पुलिस कमिश्नर ने टीआई के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं।
राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि सरकार आदिवासी समाज के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि अन्य लोग भी दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
‘जय जोहार’ बोलने पर छात्रों से बदसलूकी का आरोप
मामला भोपाल के मिसरोद इलाके का है, जहां मंगलवार को गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की छात्र इकाई ने छात्रों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया था। इसी दौरान ‘जय जोहार’ का उद्घोष करने पर टीआई रतन सिंह परिहार के नाराज होने और छात्रों से अभद्र भाषा में बात करने का मामला सामने आया।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में टीआई छात्रों से कथित तौर पर कहते सुनाई दे रहे हैं, ‘यहीं कूट दूंगा।’ वीडियो सामने आने के बाद आदिवासी विधायकों और विभिन्न संगठनों ने संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद बुधवार को उनके निलंबन का आदेश जारी किया गया।
उमंग सिंघार ने एफआईआर दर्ज करने की मांग की
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर घटना को गंभीर और निंदनीय बताते हुए पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ‘जोहार’ आदिवासी संस्कृति, पहचान, स्वाभिमान और सम्मान का प्रतीक है। यह अभिवादन प्रेम, आदर और भाईचारे का संदेश देता है।
सिंघार ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान के तहत अपनी समस्याएं उठाने वाले छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री से दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग भी की।
मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, विभागीय जांच के आदेश
राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के मुताबिक, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना का संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि ‘जय जोहार’ एक सम्माननीय उद्घोष है और सरकार आदिवासी समाज के सम्मान के प्रति प्रतिबद्ध है।
टीआई रतन सिंह परिहार के निलंबन के बाद अब विभागीय जांच में घटना से जुड़े तथ्यों और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।





