सीएम मोहन यादव का नशामुक्ति का संदेश, बड़वानी में बनेगा वन औषधि शोध संस्थान; किसानों को दूध उत्पादन पर मिलेगा प्रोत्साहन

भोपाल/बड़वानी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नशामुक्त समाज बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि नशा बुराइयों और विकृतियों की जड़ है। सभी लोगों को संकल्प लेना चाहिए कि वे नशे से दूर रहेंगे और इस बुराई को समाज से खत्म करने में सहयोग करेंगे। मुख्यमंत्री बड़वानी जिले के ग्राम अजगरिया में शिवपंथ समुदाय के नशामुक्ति कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जिले के लिए कई विकास कार्यों की घोषणाएं भी कीं।
मुख्यमंत्री ने नशामुक्ति के लिए शिवपंथ संगठन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी नशे की बुराई को खत्म करने का संकल्प है। सरकार और समाज मिलकर काम करें, तो नशामुक्ति को जनआंदोलन बनाया जा सकता है।
दूध उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर
डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान कल्याण वर्ष मना रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को दुग्ध उत्पादन और गौशाला संचालन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान दूध उत्पादन के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने लोगों से दूध की ताकत अपनाने और नशे से दूर रहने की अपील की।
बड़वानी में बनेगा वन औषधि शोध संस्थान
मुख्यमंत्री ने बड़वानी जिले के विकास के लिए कई घोषणाएं कीं। इनमें वन औषधियों के संरक्षण और शोध के लिए वन औषधि शोध संस्थान की स्थापना प्रमुख है। इसके अलावा ग्राम खुपजदेव धाम में निर्माण कार्य और वहां तक सड़क बनाने की घोषणा की गई।
ग्राम अजगरिया में बालक और बालिकाओं के लिए 100-100 सीटर छात्रावास बनाए जाएंगे। ग्राम पांजरिया में 50 लाख रुपये की लागत से सर्वसुविधायुक्त शेड बनाया जाएगा, जबकि ग्राम धवली में पुलिस चौकी स्थापित की जाएगी।
जनजातीय समुदाय और स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने बारेली भाषा के संरक्षण और विकास के लिए दस्तावेजों के संरक्षण एवं शोध की बात कही। सिकल सेल बीमारी की रोकथाम के लिए जांच, परामर्श और उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने की घोषणा भी की गई।
इसके साथ ही जिन जनजातीय परिवारों को वन अधिकार के पट्टे अब तक नहीं मिले हैं, उन्हें पट्टे देने और जिन परिवारों को पट्टे मिल चुके हैं, उनकी रजिस्ट्री कराने की बात कही गई।
कार्यक्रम में शरद पूर्णिमा के अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। शिवपंथ संगठन लंबे समय से सत्संग और आध्यात्मिक गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में नशामुक्ति के लिए काम कर रहा है। कार्यक्रम में धार्मिक भजनों के साथ दूध प्रसादी और चावल की खिचड़ी का वितरण भी किया गया।




