कांग्रेस का ‘वोट बचाओ देश बचाओ’ अभियान, 1 नवंबर को दिल्ली में होगी महारैली

भोपाल। कांग्रेस ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के मुद्दे पर ‘वोट बचाओ देश बचाओ’ अभियान तेज कर दिया है। अभियान के मध्य प्रदेश प्रभारी बालासाहेब थोराट ने भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा और केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह केवल कांग्रेस का नहीं, बल्कि देश में मताधिकार की रक्षा से जुड़ा अभियान है। इसके तहत 1 नवंबर को दिल्ली में महारैली आयोजित की जाएगी।
2014 के बाद की राजनीति पर उठाए सवाल
बालासाहेब थोराट ने आरोप लगाया कि 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश में सत्ता केंद्रित राजनीति को बढ़ावा मिला है। उन्होंने भाजपा पर सत्ता में बने रहने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए चंडीगढ़ महापौर चुनाव का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार इन मुद्दों को उठा रहे हैं।
चुनाव आयोग की भूमिका पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति
थोराट ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पश्चिम बंगाल, बिहार और मध्य प्रदेश में हुए चुनावों का उल्लेख करते हुए चुनावी प्रक्रिया को लेकर आपत्तियां जताईं। उनके आरोपों का केंद्र लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा रहा।
1 नवंबर को दिल्ली में महारैली
कांग्रेस नेता ने जनता से ‘वोट बचाओ देश बचाओ’ अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जनभागीदारी जरूरी है और राहुल गांधी इस लड़ाई का नेतृत्व कर रहे हैं।
दिल्ली में प्रस्तावित महारैली के कारण व्यापारियों और आम लोगों को होने वाली संभावित असुविधा के सवाल पर थोराट ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का मुद्दा प्राथमिकता है। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोप कांग्रेस का पक्ष हैं; इन पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया खबर में शामिल नहीं है।




