इंदौर हाईकोर्ट में जजों की कमी दूर करने की तैयारी, जल्द भेजे जा सकते हैं 2 नए न्यायाधीश

इंदौर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में न्यायाधीशों की कमी और लंबित मामलों की सुनवाई में हो रही देरी का मुद्दा मुख्य न्यायाधिपति अल्पेश यशवंत केगजे तक पहुंच गया है। उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ, इंदौर ने इस समस्या को दूर करने के लिए तीन अतिरिक्त न्यायाधीशों की मांग रखी है। संघ के अध्यक्ष मनीष यादव के मुताबिक, मुख्य न्यायाधिपति ने जल्द ही दो न्यायाधीश इंदौर खंडपीठ भेजने का आश्वासन दिया है।
जजों की कमी से प्रभावित हो रही सुनवाई
मुख्य न्यायाधिपति के सात दिवसीय इंदौर प्रवास के दौरान अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष मनीष यादव और कार्यकारिणी ने न्यायिक व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं उनके सामने रखीं। संघ ने जजों की उपलब्धता और लंबित मामलों की सुनवाई में आ रही परेशानियों से संबंधित आंकड़े और लिखित दस्तावेज भी प्रस्तुत किए।
संघ का कहना है कि न्यायाधीशों की संख्या कम होने से न्यायिक कामकाज और मामलों की सुनवाई प्रभावित हो रही है। ऐसे में तीन अतिरिक्त जजों की मांग रखकर इंदौर खंडपीठ की न्यायिक क्षमता बढ़ाने और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाने की आवश्यकता बताई गई।
अधिवक्ता संघ के लिए अलग जगह की मांग
बैठक के दौरान हाईकोर्ट परिसर में अधिवक्ता संघ के लिए अलग स्थान उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठाया गया। संघ को इस मांग पर सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है।
दो नए न्यायाधीश भेजे जाने के आश्वासन के बाद अब अधिवक्ता समुदाय की नजरें अगले कदम पर हैं। हालांकि, न्यायाधीशों की पदस्थापना को लेकर अंतिम स्थिति आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।





