Dewas TI Dilip Puri Case: देवास शराब कांड में आरोपी राहुल जायसवाल कांग्रेस से निष्कासित, टीआई की मौत के मामले में हुई थी गिरफ्तारी

भोपाल। मध्यप्रदेश के देवास जिले में अवैध शराब से भरे ट्रक की चपेट में आने से खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत के मामले में कांग्रेस ने कार्रवाई की है। पार्टी ने इस प्रकरण में आरोपी बनाए गए राहुल जायसवाल को संगठन से निष्कासित कर दिया है। कांग्रेस की ओर से निष्कासन आदेश 3 नवंबर को जारी किया गया था, जिसका पत्र अब सामने आया है। राहुल जायसवाल लंबे समय से युवा कांग्रेस में सक्रिय रहे हैं और हरदा विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। पुलिस ने इस मामले में उन्हें गिरफ्तार किया था।
टीआई को कुचलने से हुई थी मौत
घटना 2 नवंबर की रात हरदा-नेमावर हाईवे की है। पुलिस को सूचना मिली थी कि ट्रक क्रमांक MP 43 H 4786 में बड़ी मात्रा में अवैध शराब भरकर टिमरनी से गुजरात ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी और पुलिस टीम वाहन की जांच कर रही थी। इसी दौरान ट्रक का पिछला पहिया टीआई दिलीप पुरी के ऊपर से गुजर गया। हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने ट्रक चालक की पहचान आलीराजपुर निवासी गजेंद्र उर्फ अक्कू रावत के रूप में की।
शराब कारोबार में हिस्सेदारी की जांच
पुलिस जांच में सामने आया कि घटना में इस्तेमाल किया गया ट्रक केरम सिंह चांगोड़ ने उपलब्ध कराया था। पुलिस ने केरम सिंह को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। जांच के दौरान अवैध शराब के परिवहन और कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के अनुसार, शराब का ठेका बड़वानी निवासी पाटेंद्र जायसवाल के नाम पर बताया गया है। इस कारोबार में राहुल जायसवाल, मनीष जायसवाल और मोहिन जायसवाल की 30-30 प्रतिशत हिस्सेदारी होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, पाटेंद्र जायसवाल की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत बताई गई है। पुलिस इन जानकारियों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है।
कांग्रेस ने 3 नवंबर को जारी किया निष्कासन आदेश
देवास शराब कांड में राहुल जायसवाल का नाम सामने आने और उनकी गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस संगठन ने उन्हें पार्टी से निष्कासित करने का फैसला लिया। पार्टी की ओर से 3 नवंबर को निष्कासन आदेश जारी किया गया था। हालांकि, इससे संबंधित पत्र अब सार्वजनिक हुआ है। राहुल जायसवाल पर पुलिस की कार्रवाई के बाद कांग्रेस के इस फैसले को संगठनात्मक स्तर पर उठाया गया कदम माना जा रहा है।
कौन हैं राहुल जायसवाल?
राहुल जायसवाल लंबे समय से युवा कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। वे करीब छह साल तक युवा कांग्रेस के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। संगठन में उनकी सक्रियता को देखते हुए उन्हें हरदा विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी भी बनाया गया था। देवास शराब कांड में नाम सामने आने और गिरफ्तारी के बाद अब कांग्रेस ने उन्हें संगठन से बाहर कर दिया है।
मामले की जांच जारी
टीआई दिलीप पुरी की मौत के मामले में पुलिस अवैध शराब के परिवहन, ट्रक की व्यवस्था और कारोबार से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच में सामने आई हिस्सेदारी और अन्य जानकारियों के आधार पर संबंधित लोगों से पूछताछ तथा साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। राहुल जायसवाल सहित मामले में आरोपी बनाए गए व्यक्तियों के खिलाफ आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।





