CM Yogi Adityanath Ayodhya Diwali 2026: रामभक्तों पर अब नहीं चलेंगी गोलियां, जय श्रीराम बोलने पर कोई नहीं चला सकेगा लाठी-डंडा, बोले सीएम योगी

अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली के अवसर पर अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अब अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां नहीं चलेंगी और जय श्रीराम बोलने पर कोई लाठी-डंडे नहीं चला सकेगा। पंचकोसी, 14 कोसी और 84 कोसी परिक्रमा पर भी कोई प्रतिबंध नहीं लगा पाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या के वैभव को नुकसान पहुंचाने या उसकी पहचान को बदनाम करने की कोशिश नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने लोगों से अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने का संकल्प लेने की अपील की।
रामभक्तों और परिक्रमा को लेकर दिया बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को रामघाट हाल्ट के पास निषाद बस्ती में आयोजित दीपावली मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां नहीं चलेंगी। जय श्रीराम बोलने पर कोई लाठी-डंडा नहीं चला सकेगा और धार्मिक परिक्रमा पर भी प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि आने वाले समय में अयोध्या पर किसी मंथरा और मारीच की कुदृष्टि न पड़े। उन्होंने कहा कि अयोध्या की धार्मिक परंपराओं और विकास की विरासत को सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है।
30 लाख दीप जलने के बाद भी साफ दिखे घाट
मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव के आयोजन में सफाईकर्मियों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव के दौरान 30 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए गए और देर रात तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। इसके बावजूद सुबह जब वे बाहर निकले तो सरयू के घाट स्वच्छ और सुंदर दिखाई दिए। कहीं गंदगी या अव्यवस्था नजर नहीं आई। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह सफाईकर्मियों की मेहनत और सेवाभाव का परिणाम है। उन्होंने अयोध्या को स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित बनाए रखने की अपील की।
नाविकों और निषाद समाज के योगदान की सराहना
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपोत्सव और सरयू आरती के दौरान नाविकों, माझियों और निषाद समाज के लोगों ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने बताया कि प्रत्येक शनिवार, रविवार, अमावस्या, पूर्णिमा और प्रमुख त्योहारों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु सरयू नदी में स्नान और दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा में नाविकों तथा निषाद समाज की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि निषादराज, माता शबरी, वानर और भालुओं के सहयोग से भगवान श्रीराम ने राक्षसी शक्तियों पर विजय प्राप्त की थी।
सफाईकर्मियों, गोताखोरों और पार्षदों का सम्मान
दीपावली मिलन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सफाईकर्मियों, उनके बच्चों, नाविकों, गोताखोरों और उत्कृष्ट कार्य करने वाले पार्षदों को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में अवधेश निषाद, सूरज निषाद, चंदा निषाद, कौशल्या निषाद, रेनू निषाद, काजल निषाद, आराध्या, माधवी गौतम, अंश, ज्योति, सुनीता, बब्बन, संदीप और अरुण शामिल रहे। इसके अलावा पाटेश्वरी नगर की पार्षद कुंती पांडेय, चित्रगुप्त नगर की मनीषा यादव, लाला लाजपत नगर के रामतीर्थ, कल्याण सिंह वार्ड के सूर्य कुमार तिवारी और झूलेलाल नगर के अभिनव पांडेय को भी सम्मानित किया गया। सरयू की स्वच्छता में योगदान देने वाले गोताखोर सतीश माजी, ब्रजेश माजी, जग्गू माजी, बाबू निषाद और अभिषेक निषाद को भी सम्मान प्रदान किया गया।
हनुमानगढ़ी और रामलला के किए दर्शन
दसवें दीपोत्सव के आयोजन के बाद रविवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। सबसे पहले वे हनुमानगढ़ी पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने रामलला की आरती उतारी और मंदिर की परिक्रमा की। उन्होंने राम दरबार में भी विधि-विधान से पूजा की। इस दौरान मंदिर परिसर में जय श्रीराम के नारे गूंजते रहे। दर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया।
30 लाख दीपों से जगमगाई अयोध्या
दसवें दीपोत्सव के अवसर पर शनिवार को अयोध्या के सरयू घाटों और राम की पैड़ी पर करीब 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित किए गए। रामकथा पार्क में आयोजित कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीराम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक किया। इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं। आयोजन में 2147 लोगों ने एक साथ सरयू की महाआरती की। इसके अलावा 2100 ड्रोन के माध्यम से आकाश में विभिन्न आकृतियां प्रदर्शित की गईं। लेजर शो, प्रोजेक्शन मैपिंग और ग्रीन आतिशबाजी भी आकर्षण का केंद्र रही। इस बार 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित किए जाने का दावा किया गया, जो पिछले वर्ष के 26.17 लाख दीपों के रिकॉर्ड से अधिक बताया गया। हालांकि, इस आयोजन में नया विश्व रिकॉर्ड बनने की पुष्टि नहीं हुई।
राम मंदिर में जलाए गए करीब एक लाख दीप
दीपोत्सव के अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर को भी दीपों से सजाया गया। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रामलला की आरती उतारी और मंदिर परिसर में दीप प्रज्ज्वलित किए। मंदिर परिसर में करीब एक लाख दीप जलाए गए। यात्री सुविधा केंद्र, राम जन्मभूमि पथ, सिंह द्वार, कुबेर टीला, सप्तमंडप, सीता रसोई और अन्य स्थानों पर दीपों की सजावट की गई। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों की देखरेख में आयोजन की व्यवस्थाएं की गईं। करीब तीन हजार श्रद्धालुओं ने भी दीप प्रज्ज्वलन में हिस्सा लिया।
15 राज्यों के 500 कलाकारों ने दी प्रस्तुतियां
दसवें दीपोत्सव की शुरुआत शनिवार सुबह साकेत महाविद्यालय से निकाली गई श्रीराम राज्याभिषेक शोभायात्रा के साथ हुई। शोभायात्रा में रामायण के सातों कांडों पर आधारित झांकियों के साथ प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाली 14 झांकियां भी शामिल रहीं। देश के 15 राज्यों से आए 500 से अधिक कलाकारों ने लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नई अयोध्या के निर्माण और उसकी विरासत को सुरक्षित रखने में सरकार के साथ स्थानीय नागरिकों, सफाईकर्मियों, नाविकों और जनप्रतिनिधियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी से अयोध्या को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाए रखने का आह्वान किया।





