Sanatan Ekta Yatra: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बोले- देश में जातिवाद नहीं राष्ट्रवाद चाहिए, सनातन हिंदू एकता यात्रा में दिलाई 7 वचनों की शपथ

छतरपुर। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की तीसरी ‘सनातन हिंदू एकता रथयात्रा’ दूसरे दिन भी जारी रही। पन्ना स्थित रघुलीला पैलेस में रात्रि विश्राम के बाद यात्रा की शुरुआत सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ, राष्ट्रगान और बच्चों को शपथ दिलाने के साथ हुई। इस दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने हजारों श्रद्धालुओं को सात वचनों की शपथ दिलाई और सामाजिक एकता, नशामुक्ति, हिंदू एकता तथा राष्ट्रवाद का संदेश दिया।
यात्रा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि देश में जातिवाद नहीं, राष्ट्रवाद चाहिए। उन्होंने हिंदुओं से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि यदि समाज एक नहीं हुआ, तो आने वाला समय मुश्किल हो सकता है। उन्होंने लोगों से शराब और अन्य नशों से दूर रहने का भी आग्रह किया।
द्वारी और तारा गांव में हुआ स्वागत
रथयात्रा द्वारी गांव पहुंची, जहां ग्रामीणों ने यात्रा का जोरदार स्वागत किया। इस दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने ग्रामीणों से गांव का नाम पूछा और हिंदुओं को एकजुट रहने का संदेश दिया।
इसके बाद तारा गांव में भी श्रद्धालुओं ने यात्रा का भव्य स्वागत किया। धीरेंद्र शास्त्री ने हाथ उठाकर लोगों को आशीर्वाद दिया। स्वागत के दौरान श्रद्धालुओं ने ‘जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई’ के नारे लगाए। यात्रा के दौरान बुलडोजर से फूल बरसाकर भी स्वागत किए जाने की जानकारी सामने आई है।
कई संत भी यात्रा में शामिल
इस रथयात्रा में अयोध्या के राजू दास, मलूकपीठ के गंगा दास, हरिद्वार के मोनी और चित्रकूट के राधेश्याम महाराज सहित कई संत शामिल हैं। यात्रा का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज में एकता, सामाजिक समरसता और नशामुक्ति का संदेश देना बताया गया है।





