‘डेंगू से कोई नहीं मरता, अच्छा खाओ-पियो और आराम करो…’, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते के बयान पर बवाल

‘डेंगू से कोई नहीं मरता, अच्छा खाओ-पियो और आराम करो…’, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते के बयान पर बवाल
मंडला। मंडला से बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते अपने एक बयान को लेकर चर्चा में हैं। दिल्ली AIIMS से इलाज के बाद मंडला लौटे कुलस्ते से जब स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं और डेंगू को लेकर कांग्रेस के सवालों पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा, “डेंगू से कोई नहीं मरता, अच्छा खाओ, अच्छा पियो और आराम करो।”
कुलस्ते के इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद डेंगू जैसी बीमारी की गंभीरता को लेकर बहस शुरू हो गई है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक कुलस्ते को सितंबर में तबीयत खराब होने के बाद दिल्ली AIIMS में भर्ती कराया गया था और जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी।
18 सितंबर को बिगड़ी थी सांसद की तबीयत
रिपोर्टों के मुताबिक 18 सितंबर को मंडला स्थित अपने बंगले पर कुलस्ते की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उन्हें चक्कर आने के बाद प्राथमिक उपचार दिया गया और इसके बाद दिल्ली AIIMS ले जाया गया।
EMS TV की रिपोर्ट के अनुसार कुलस्ते करीब सात दिन तक AIIMS में भर्ती रहे। इलाज के बाद मंडला लौटने पर उन्होंने कहा कि अब वह स्वस्थ हैं और लोगों को डेंगू को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।
कांग्रेस विधायक ने मंडला की स्वास्थ्य सुविधाओं पर उठाए सवाल
कुलस्ते के दिल्ली जाकर इलाज कराने को लेकर कांग्रेस विधायक चैन सिंह वरकड़े ने सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि कुलस्ते लंबे समय से सांसद रहे हैं और केंद्र सरकार में स्वास्थ्य राज्य मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें इलाज के लिए दिल्ली AIIMS जाना पड़ा।
वरकड़े ने सवाल उठाया कि क्या इतने वर्षों में मंडला में ऐसी स्वास्थ्य सुविधा विकसित नहीं हो सकी, जहां सांसद का इलाज कराया जा सके।
चैन सिंह वरकड़े 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में निवास सीट से कांग्रेस उम्मीदवार रहे थे और उस चुनाव में उन्होंने फग्गन सिंह कुलस्ते को हराया था।
कुलस्ते ने कहा- ‘क्या उनके कहने से मैं मरूंगा?’
मंडला लौटने के बाद मीडिया ने जब कुलस्ते से कांग्रेस विधायक के बयान पर सवाल किया तो उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि विधायक कुछ भी कहें, उससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।
रिपोर्ट के मुताबिक कुलस्ते ने कहा, “क्या उनके कहने से मैं मरूंगा? मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।” इसके बाद उन्होंने डेंगू को लेकर कहा कि इससे कोई नहीं मरता और लोगों को अच्छा खाने-पीने तथा आराम करने की सलाह दी।
डेंगू को लेकर WHO की स्थिति क्या कहती है?
कुलस्ते के बयान के बीच डेंगू की चिकित्सकीय गंभीरता को लेकर WHO की जानकारी अलग तस्वीर पेश करती है। WHO के मुताबिक ज्यादातर डेंगू संक्रमण हल्के होते हैं और मरीज एक-दो सप्ताह में ठीक हो सकते हैं, लेकिन कुछ मामलों में बीमारी गंभीर डेंगू में बदल सकती है और यह जानलेवा भी हो सकती है।
WHO के अनुसार गंभीर डेंगू में तेज पेट दर्द, लगातार उल्टी, तेजी से सांस लेना, रक्तस्राव, अत्यधिक कमजोरी और अंगों पर असर जैसे चेतावनी संकेत दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण होने पर तत्काल चिकित्सकीय देखभाल की जरूरत होती है।
WHO यह भी बताता है कि शुरुआती पहचान और उचित चिकित्सा देखभाल से गंभीर डेंगू में मृत्यु दर को काफी कम किया जा सकता है।
बयान के बाद फिर गरमाया स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा
कुलस्ते के बयान के बाद मंडला में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है। एक तरफ कुलस्ते अपने इलाज के बाद पूरी तरह स्वस्थ होने की बात कह रहे हैं, वहीं कांग्रेस ने उनके दिल्ली में इलाज कराने को स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़कर सवाल उठाए हैं।
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में कुलस्ते के बयान और उनके AIIMS में इलाज की जानकारी सामने आई है। स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
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