Hemant Khandelwal on Rahul Gandhi: ‘छात्रों की गूंज’ पर कांग्रेस को घेरा, DUSU नतीजों का भी किया जिक्र

भोपाल/इंदौर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल ने इंदौर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस को युवाओं पर वास्तविक भरोसा है, तो छात्रों के बीच पार्टी कार्यकर्ताओं को आगे करने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए।
खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस युवाओं के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने के बजाय राजनीतिक प्रबंधन और प्रचार के जरिए अपनी मौजूदगी दिखाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति को राजनीतिक प्रचार से अलग रखते हुए शिक्षा, अवसर और राष्ट्र निर्माण जैसे मुद्दों से जोड़ने की जरूरत है।
‘छात्रों के बीच कार्यकर्ताओं को खड़ा करने की जरूरत क्यों?’
हेमंत खंडेलवाल ने राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम को लेकर कहा कि कांग्रेस यदि युवाओं के बीच मजबूत पकड़ का दावा करती है, तो उसे छात्रों के बीच अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को खड़ा करने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने इसे कांग्रेस की युवाओं के बीच स्वीकार्यता को लेकर सवाल के तौर पर पेश किया। खंडेलवाल के मुताबिक, युवाओं का भरोसा केवल आयोजनों या प्रचार से नहीं बल्कि लगातार संवाद और अवसर उपलब्ध कराने से हासिल किया जा सकता है।
हालांकि, छात्रों की वास्तविक भागीदारी और कार्यक्रम में मौजूद लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दावे सामने आए हैं। इसलिए किसी एक पक्ष के दावे को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित आंकड़े के रूप में देखना उचित नहीं होगा।
DUSU चुनाव परिणाम का भी किया जिक्र
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव के ताजा नतीजों का भी उल्लेख किया। 2026 के चुनाव में ABVP ने केंद्रीय पैनल के चार में से तीन पदों—अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव—पर जीत दर्ज की। अध्यक्ष पद पर यश डबास, सचिव पद पर रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह विजयी हुए। उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत दर्ज की।
NSUI चारों केंद्रीय पदों में से कोई भी पद नहीं जीत सकी। यह 2015 के बाद पहली बार हुआ है जब NSUI को DUSU के केंद्रीय पैनल में कोई पद नहीं मिला।
खंडेलवाल ने इन परिणामों पर ABVP कार्यकर्ताओं को बधाई दी और इसे छात्र राजनीति में राष्ट्रवादी विचारधारा की मौजूदगी से जोड़ते हुए कहा कि युवा राष्ट्रहित और राष्ट्र निर्माण के विचार के साथ आगे बढ़ना चाहता है।
‘युवा केवल नारों से प्रभावित नहीं होते’
खंडेलवाल ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने अपना जनादेश दिया है और युवा केवल नारों तथा राजनीतिक प्रचार से प्रभावित नहीं होते। उनके अनुसार छात्र शिक्षा, रोजगार, भविष्य और राष्ट्र निर्माण जैसे मुद्दों को भी महत्व देते हैं।
उन्होंने कांग्रेस को लेकर कहा कि बड़े आयोजनों और दावों के बजाय पार्टी को युवाओं के बीच अपनी वास्तविक स्वीकार्यता पर आत्ममंथन करना चाहिए।
खंडेलवाल ने कहा कि युवा शक्ति को राजनीतिक प्रचार या प्रायोजित आयोजनों के बजाय विश्वास, अवसर और देश के भविष्य के संकल्प से जोड़ने की जरूरत है।
DUSU नतीजों पर राजनीतिक बयानबाजी तेज
DUSU चुनाव परिणाम सामने आने के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हुई है। भाजपा नेताओं ने NSUI की हार को कांग्रेस के लिए राजनीतिक संदेश के रूप में पेश किया है, जबकि कांग्रेस की ओर से चुनाव प्रक्रिया और परिणामों को लेकर अलग-अलग आपत्तियां उठाई गई हैं।
इंदौर में राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम 19 सितंबर को आयोजित हुआ था, जिसमें उन्होंने छात्रों से शिक्षा, रोजगार और भर्ती से जुड़े मुद्दों पर संवाद किया। कार्यक्रम के बाद भाजपा नेताओं की ओर से इसकी राजनीतिक व्याख्या करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा जा रहा है।





