Kailash Vijayvargiya: DUSU नतीजों पर राहुल गांधी पर निशाना, ‘छात्रों की गूंज’ को बताया ‘झूठ की गूंज’

उज्जैन। मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने उज्जैन सर्किट हाउस में पत्रकारवार्ता के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव के नतीजों को लेकर कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI पर टिप्पणी की और राहुल गांधी के इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर भी सवाल उठाए।
DUSU में ABVP ने जीते 3 पद, NSUI का खाता नहीं खुला
DUSU चुनाव 2026 के नतीजों में ABVP ने चार केंद्रीय पदों में से तीन पर जीत दर्ज की। यश डबास अध्यक्ष, रिया छावड़ी सचिव और लक्ष्य राज सिंह संयुक्त सचिव चुने गए। उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन विजयी रहे। शौकीन पूर्व NSUI सदस्य रहे हैं। NSUI चारों केंद्रीय पदों में से कोई भी पद नहीं जीत सकी।
इसी परिणाम को लेकर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि NSUI का पूरी तरह सफाया हो गया है। उन्होंने DUSU चुनाव परिणाम को देश के युवाओं के मूड से जोड़ते हुए इसे ‘मूड ऑफ नेशन’ बताया।
हालांकि, DUSU के परिणाम दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच हुए चुनाव का परिणाम हैं। इसे पूरे देश के युवाओं की राय के रूप में पेश करना विजयवर्गीय की राजनीतिक व्याख्या है, जिसका स्वतंत्र राष्ट्रीय स्तर का प्रमाण इन चुनाव परिणामों से नहीं मिलता।
‘जहां-जहां पड़े संतन के पैर...’
राहुल गांधी पर तंज कसते हुए विजयवर्गीय ने एक कहावत का उल्लेख किया और कहा कि पंजाब के बाद दिल्ली में भी कांग्रेस समर्थित छात्र संगठन को चुनाव में सफलता नहीं मिली।
उन्होंने दावा किया कि दिल्ली विश्वविद्यालय में देश के अलग-अलग हिस्सों से विद्यार्थी पढ़ते हैं और इसलिए वहां का चुनाव परिणाम युवाओं की सोच का संकेत देता है। विजयवर्गीय ने कांग्रेस और वामपंथी छात्र संगठनों पर युवाओं को भड़काने का आरोप भी लगाया।
उन्होंने पंजाब और राजस्थान का भी उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं ने कांग्रेस और वामपंथी ताकतों को नकार दिया है। यह विजयवर्गीय का राजनीतिक आकलन है, जबकि संबंधित चुनावों के अलग-अलग परिणामों को अलग संदर्भ में देखना होगा।
‘विदेश में देश का अपमान करने वालों को जवाब’
कैलाश विजयवर्गीय ने ABVP और दिल्ली के युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि DUSU चुनाव में युवाओं ने उन ताकतों के खिलाफ मतदान किया, जिन्हें वह ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ के रूप में संदर्भित कर रहे थे।
उन्होंने यह भी कहा कि विदेश में जाकर भारत का अपमान करने वाले नेताओं को DUSU के नतीजों से जवाब मिला है। विजयवर्गीय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और राष्ट्रवाद के समर्थन को भी युवाओं के बीच मजबूत बताया।
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर भी निशाना
इंदौर में 19 सितंबर को आयोजित राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर भी विजयवर्गीय ने सवाल उठाए। उन्होंने कार्यक्रम को ‘झूठ की गूंज’ बताते हुए दावा किया कि आयोजन स्थल की क्षमता करीब 10 से 12 हजार लोगों की थी, जबकि कांग्रेस ने बड़ी संख्या में छात्रों के पहुंचने का दावा किया था।
कांग्रेस ने कार्यक्रम से पहले बड़ी संख्या में छात्र रजिस्ट्रेशन का दावा किया था। 15 सितंबर को कांग्रेस की ओर से करीब 2 लाख छात्रों के रजिस्ट्रेशन का दावा सामने आया था।
विजयवर्गीय ने कहा कि कांग्रेस ने कार्यक्रम में एक लाख युवाओं के पहुंचने का दावा किया था, लेकिन उनके मुताबिक पंडाल में उतनी भीड़ नहीं पहुंची। उन्होंने इसे कांग्रेस की ओर से किए गए दावों और वास्तविक उपस्थिति के बीच अंतर बताया।
हालांकि, कार्यक्रम में वास्तविक उपस्थित लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। इसलिए एक लाख या 12 हजार की संख्या को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित आंकड़े के रूप में नहीं रखा जा सकता।
राहुल गांधी ने छात्रों के मुद्दे उठाए
राहुल गांधी ने इंदौर के कार्यक्रम में सरकारी भर्ती, शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर छात्रों से संवाद किया था। कार्यक्रम में छात्रों ने भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और कथित अनियमितताओं सहित विभिन्न समस्याएं उनके सामने रखीं।
इस कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी देखने को मिली। एक ओर कांग्रेस ने इसे छात्रों के मुद्दों को सामने रखने का मंच बताया, वहीं भाजपा नेताओं ने कार्यक्रम और कांग्रेस के दावों पर सवाल उठाए।





