इंदौर में UPI चार्ज के विरोध में 125 व्यापारिक संगठन एकजुट, शुल्क लगा तो हटेंगे QR कोड

इंदौर में UPI चार्ज के विरोध में 125 व्यापारिक संगठन एकजुट, शुल्क लगा तो हटेंगे QR कोड
इंदौर। UPI से भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रस्ताव के विरोध में इंदौर के व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया है। अहिल्या चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज से जुड़े 125 व्यापारिक संगठनों ने फैसला किया है कि यदि UPI भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) सरचार्ज लागू किया जाता है, तो वे दुकानों से QR कोड हटाकर नकद भुगतान को प्राथमिकता देने की दिशा में कदम उठाएंगे। व्यापारियों ने साफ किया है कि अतिरिक्त शुल्क से कारोबार की लागत बढ़ी तो वे इसका विरोध करेंगे।
125 व्यापारिक संगठनों ने बैठक में लिया फैसला
अभिनव कला समाज के हॉल परिसर में शुक्रवार को अहिल्या चेम्बर्स के अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल और महामंत्री गोपाल दास अग्रवाल की अगुवाई में बैठक आयोजित की गई। इसमें विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में प्रस्तावित UPI सरचार्ज के विरोध में एकजुटता दिखाते हुए निर्णय लिया गया कि शुल्क लागू होने की स्थिति में दुकानों से QR कोड हटाने और नकद भुगतान को प्राथमिकता देने का विकल्प अपनाया जाएगा।
व्यापारियों का कहना है कि वे लंबे समय से डिजिटल भुगतान स्वीकार कर रहे हैं। ऐसे में यदि इस व्यवस्था पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है, तो छोटे दुकानदारों और खुदरा कारोबारियों पर भी आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।
‘नो UPI डे’ के बाद विरोध तेज करने की तैयारी
अहिल्या चेम्बर्स के संयुक्त सचिव और इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन ने बताया कि 23 सितंबर को आयोजित ‘नो UPI डे’ के जरिए व्यापारियों ने सरचार्ज के विरोध में अपनी आवाज उठाई थी। अब 125 संगठनों का साझा फैसला इस विरोध को आगे बढ़ाने की दिशा में उठाया गया कदम है।
अक्षय जैन के मुताबिक, व्यापारी पहले से ही बढ़ती लागत, प्रतिस्पर्धा और सीमित मुनाफे जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाने से उनके खर्च बढ़ सकते हैं और मुनाफे पर असर पड़ सकता है।
पांच दिन तक बाजारों में जनसंपर्क करेंगे पदाधिकारी
व्यापारियों के फैसले को अधिक से अधिक दुकानदारों तक पहुंचाने के लिए अहिल्या चेम्बर्स के पदाधिकारी अगले पांच दिनों तक इंदौर के अलग-अलग व्यापारिक क्षेत्रों का दौरा करेंगे। इस दौरान व्यापारियों को प्रस्तावित सरचार्ज के संभावित प्रभावों की जानकारी दी जाएगी और उन्हें इस मुद्दे पर एकजुट करने का प्रयास किया जाएगा।
चेम्बर्स पदाधिकारियों का कहना है कि व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए विरोध जारी रहेगा। उनका उद्देश्य इस मुद्दे पर व्यापारिक संगठनों की साझा आवाज को मजबूती देना है।
UPI सरचार्ज पर फैसले का इंतजार
इंदौर के व्यापारियों के इस ऐलान के बाद डिजिटल भुगतान पर प्रस्तावित अतिरिक्त शुल्क का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। व्यापारियों ने फिलहाल QR कोड हटाने और नकद भुगतान को प्राथमिकता देने की बात शुल्क लागू होने की स्थिति में कही है।
अब नजर इस बात पर है कि प्रस्तावित शुल्क को लेकर आगे क्या निर्णय होता है और व्यापारी अपने ऐलान पर किस तरह अमल करते हैं।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में रमेश खंडेलवाल, गोपाल दास अग्रवाल, अक्षय जैन, गोविंद अग्रवाल, नरेंद्र बाफना, रजनीश चोरड़िया, हरदीप सिंह, मनीष निगम, सुशील मेहता, कैलाश खंडेलवाल, मनोज काला, चंद्रशेखर खन्ना, बसंत सोनी, प्रदीप जैन, पुरुषोत्तम शर्मा और महेंद्र जैन सहित विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।