कैलाश विजयवर्गीय का बयान: ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ कहने वालों को बर्दाश्त नहीं करेंगे, 30 अक्टूबर को इंदौर में BJP का पैदल मार्च

मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने देश के खिलाफ नारेबाजी और अराजकता के मुद्दे पर बयान देते हुए कहा कि भारत की एकता और अखंडता के खिलाफ बोलने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनके पूर्वजों ने देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान दिया है, ऐसे में कोई कैसे कह सकता है कि ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे, इंशाअल्लाह-इंशाअल्लाह।’
विजयवर्गीय ने यह बात भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत 30 अक्टूबर को इंदौर में होने वाले पैदल मार्च से पहले कही। उन्होंने लोगों से मार्च में शामिल होने की अपील भी की।
‘देश में अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ उतरेंगे सड़क पर’
कैलाश विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कहा कि भारत माता उनके लिए माता के समान हैं और देश के खिलाफ बोलने वालों को अराजकता फैलाने की छूट नहीं दी जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग भारत की प्रगति नहीं देखना चाहते और देश में भी अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या देश में अराजकता फैलाने वालों का समर्थन किया जाना चाहिए और क्या लोग रिजीम चेंज के नाम पर सड़कों पर उतरकर नुकसान पहुंचाएंगे।
30 अक्टूबर को इंदौर में निकलेगा पैदल मार्च
भाजपा के मुताबिक, पैदल मार्च 30 अक्टूबर को सुबह 10 बजे सुभाष नगर चौराहे से शुरू होकर पाटनीपुरा चौराहे तक पहुंचेगा। विजयवर्गीय ने लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की है।
फ्रांस और पड़ोसी देशों का भी किया जिक्र
अपने वीडियो में विजयवर्गीय ने फ्रांस, इटली और अल्बानिया का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में अराजकता की स्थिति है। उन्होंने बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने अपने पड़ोसी देशों में अस्थिरता देखी है। उनके मुताबिक, कुछ लोग भारत में भी इसी तरह की स्थिति पैदा करना चाहते हैं।
जनप्रतिनिधियों ने किया था मार्ग का निरीक्षण
पैदल मार्च की तैयारियों के तहत सोमवार को कैलाश विजयवर्गीय, भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, विधायक रमेश मेंदोला, विधायक गोलू शुक्ला और महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों के साथ प्रस्तावित मार्ग का निरीक्षण किया था। इस दौरान व्यवस्थाओं का जायजा लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।





