Kamal Nath Land Fraud: कमलनाथ की 26 बीघा जमीन हड़पने की कोशिश, पिता की फर्जी वसीयत और मृत्यु प्रमाणपत्र से रचा खेल; 2 गिरफ्तार

बिजनौर। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ के पिता महेंद्रनाथ की उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में स्थित करीब 26 बीघा कृषि भूमि को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपने नाम कराने की कोशिश का मामला सामने आया है। नजीबाबाद तहसील क्षेत्र के अमीखानपुर गांव की जमीन से जुड़े मामले में पुलिस ने कमलनाथ की शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि लेखपाल समेत दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
विरासत दर्ज कराने के आवेदन से सामने आया मामला
पुलिस के मुताबिक, कमलनाथ ने 18 मई 2026 को नजीबाबाद तहसीलदार न्यायालय में अपने पिता महेंद्रनाथ की जमीन की विरासत अपने नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन किया था। इसी प्रक्रिया के दौरान लेखपाल की रिपोर्ट में करीब 26 बीघा जमीन को विवादित बताया गया।
इसके बाद सामने आया कि जमीन को लेकर तहसीलदार न्यायालय में धर्मपाल सिंह बनाम ग्राम सभा नाम से मामला चल रहा था। पुलिस के अनुसार, इसी मामले में धर्मपाल सिंह की ओर से महेंद्रनाथ के नाम एक कथित वसीयत पेश की गई थी। पुलिस अब इस वसीयत और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
मृत्यु से करीब डेढ़ साल पहले का प्रमाणपत्र!
मामले में सबसे गंभीर सवाल कथित मृत्यु प्रमाणपत्र को लेकर सामने आया है। पुलिस के अनुसार, तहसील न्यायालय में पेश किए गए दस्तावेज में महेंद्रनाथ की मृत्यु की तारीख 10 अप्रैल 2003 दर्ज थी और प्रमाणपत्र नजीबाबाद से जारी बताया गया।
वहीं, कमलनाथ की शिकायत के मुताबिक उनके पिता महेंद्रनाथ की वास्तविक मृत्यु 7 सितंबर 2004 को दिल्ली में हुई थी। यानी दोनों तारीखों के बीच करीब डेढ़ साल का अंतर है। इसी आधार पर पुलिस कथित मृत्यु प्रमाणपत्र को भी जांच के दायरे में लेकर दस्तावेजों की सत्यता की पड़ताल कर रही है।
चार लोगों के खिलाफ मामला, दो गिरफ्तार
कमलनाथ की शिकायत के आधार पर पुलिस ने धर्मपाल सिंह, जसबिंदर सिंह ढिल्लो, विजय शंकर पांडेय और हल्का लेखपाल डेविड कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
बिजनौर के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के मुताबिक, पुलिस ने धर्मपाल सिंह और विजय शंकर पांडेय को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में विजय शंकर पर कथित फर्जी वसीयत टाइप करने की बात सामने आने की जानकारी पुलिस ने दी है। लेखपाल डेविड कुमार समेत दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
लेखपाल की रिपोर्ट भी जांच के घेरे में
पुलिस के अनुसार, मामले में लेखपाल की रिपोर्ट भी जांच का अहम हिस्सा है। रिपोर्ट में एक आरोपी को संबंधित जमीन का काश्तकार बताया गया था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जमीन से संबंधित रिकॉर्ड में यह जानकारी किस आधार पर दर्ज की गई और कथित वसीयत तथा मृत्यु प्रमाणपत्र को तहसील न्यायालय में किस तरह इस्तेमाल किया गया।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों के अलावा कोई अन्य व्यक्ति या संगठित समूह शामिल था या नहीं। एसपी ने कहा है कि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
करीब 90 बीघा जमीन से जुड़ा मामला
रिपोर्टों के मुताबिक, अमीखानपुर गांव में महेंद्रनाथ के नाम करीब 90 बीघा जमीन बताई गई है। इसमें से करीब 26 बीघा जमीन को लेकर कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। पुलिस बाकी जमीन से जुड़े रिकॉर्ड और स्थिति की भी जांच कर रही है।
फिलहाल पुलिस की जांच में कथित फर्जी वसीयत, मृत्यु प्रमाणपत्र, राजस्व रिकॉर्ड और जमीन पर दावे से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। जमीन हड़पने की कथित साजिश में कौन-कौन शामिल था और दस्तावेज कैसे तैयार हुए, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।





