खरगोन में 10 युवाओं ने बनाया 200 फीट लंबा ड्रम पुल, ₹1.60 लाख के जनसहयोग से नर्मदा परिक्रमावासियों को राहत

मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में 10 युवाओं ने जनसहयोग से खड़काई नदी पर 200 फीट लंबा अस्थायी ड्रम पुल तैयार किया है। नर्मदा परिक्रमावासियों को नदी पार करने में हो रही परेशानी को देखते हुए युवाओं ने यह पहल की। करीब 1.60 लाख रुपये की लागत से बने इस पुल से खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
44 प्लास्टिक ड्रम से बनाया 200 फीट लंबा पुल
यह अस्थायी पुल बाजीराव पेशवा समाधि स्थल, रावेर और बकावां के बीच बनाया गया है। पुल की लंबाई 200 फीट और चौड़ाई 3 फीट है। इसके निर्माण में 44 प्लास्टिक ड्रम, बांस, रस्सी और लोहे के पाइप का इस्तेमाल किया गया। युवाओं ने ट्रैक्टर की मदद से गिट्टी डालकर रास्ते को भी दुरुस्त किया।
नर्मदा के बैकवॉटर के कारण खड़काई नदी में करीब 6 फीट पानी है। ऐसे में पैदल नदी पार करने वाले परिक्रमावासियों को परेशानी हो रही थी। फिलहाल नर्मदा के दक्षिणी तट से रोजाना 100 से ज्यादा परिक्रमावासी गुजर रहे हैं। दीपावली की एकादशी के बाद यह संख्या प्रतिदिन करीब 500 तक पहुंचने का अनुमान है।
चार साल से अस्थायी पुल बना रहे युवा
युवा आशीष चौधरी के मुताबिक, शासन-प्रशासन से समस्या का स्थायी समाधान नहीं मिलने के कारण वे पिछले चार साल से अस्थायी पुल बनाते आ रहे हैं। इस बार भी युवाओं ने जनसहयोग जुटाकर पुल तैयार किया, ताकि परिक्रमावासियों को नदी पार करने में सुविधा मिल सके।
अब स्थायी पुल बनाने की मुहिम
अस्थायी पुल बनाने के साथ ही युवाओं ने खड़काई नदी पर स्थायी पुल निर्माण की मुहिम भी शुरू की है। इसके निर्माण पर करीब 3 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। नर्मदा सेवक भी इस पहल में सहयोग कर रहे हैं।
युवाओं का कहना है कि उनकी कोशिश है कि नर्मदा परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को हर साल नदी के बढ़े हुए पानी और खराब रास्ते के कारण परेशानी न उठानी पड़े।





