मध्य प्रदेश राज्यसभा उपचुनाव 2026: आज से नामांकन शुरू, BJP में दावेदारों की लंबी सूची; जानिए जीत का गणित

भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की रिक्त सीट पर उपचुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई इस सीट के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में संभावित उम्मीदवारों के नामों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। वहीं, विधानसभा में पार्टी के संख्या बल को देखते हुए बीजेपी प्रत्याशी की जीत की संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं।
12 नवंबर को हो सकता है मतदान
निर्धारित चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 2 नवंबर है। नामांकन पत्रों की जांच 3 नवंबर को होगी, जबकि उम्मीदवार 5 नवंबर तक नाम वापस ले सकेंगे। जरूरत पड़ने पर 12 नवंबर 2026 को मतदान कराया जाएगा। यदि मुकाबले में कोई दूसरा उम्मीदवार नहीं उतरता है, तो सीट पर निर्विरोध निर्वाचन भी हो सकता है।
BJP में इन नामों की चर्चा
राज्यसभा सीट के लिए बीजेपी में कई नामों को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। संभावित दावेदारों में तमिलनाडु बीजेपी की पूर्व विधायक वनथी श्रीनिवासन, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
प्रदेश स्तर पर राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक आशीष अग्रवाल, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया, पूर्व उपाध्यक्ष विनोद गोटिया, प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेंद्र बरुआ और पूर्व मंत्री रंजना बघेल के नाम भी चर्चा में हैं। हालांकि, बीजेपी ने उम्मीदवार के नाम पर आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
विधानसभा में बीजेपी का पलड़ा भारी
मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं। खबर में दिए गए विवरण के मुताबिक, कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा मतदान में हिस्सा नहीं ले सकेंगे, जिससे मतदान करने वाले विधायकों की संख्या 229 रह जाएगी। ऐसी स्थिति में जीत के लिए आवश्यक मतों का आंकड़ा मतदान की वास्तविक स्थिति और लागू चुनावी नियमों के अनुसार तय होगा।
बीना से कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुनी गईं निर्मला सप्रे की भूमिका भी अहम हो सकती है। उनके राजनीतिक रुख को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं, लेकिन उनकी तकनीकी स्थिति और मतदान के अधिकार को आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही स्पष्ट माना जा सकता है।
फिलहाल, बीजेपी के संभावित उम्मीदवार को लेकर चर्चाएं जारी हैं। अब सभी की नजरें पार्टी नेतृत्व के फैसले और चुनाव कार्यक्रम के अगले चरणों पर टिकी हैं।





