MP News: CM मोहन यादव का सख्त आदेश, कार्बाइड गन और लैंप पर रोक; हादसा हुआ तो कलेक्टर-एसपी होंगे जिम्मेदार

भोपाल। मध्यप्रदेश में दीपावली समेत आगामी त्योहारों और धार्मिक मेलों को सुरक्षित बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कार्बाइड गन और कार्बाइड लैंप के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाने के साथ पटाखों की अवैध बिक्री और विस्फोटक सामग्री के अवैध भंडारण पर कार्रवाई करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी जिले में अप्रिय या विषम परिस्थिति बनने पर कलेक्टर और एसपी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री बुधवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कलेक्टरों, कमिश्नरों और पुलिस अधिकारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा इंतजामों की पहले से समीक्षा करने के निर्देश दिए।
कार्बाइड गन और लैंप क्यों हैं खतरनाक?
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय स्तर पर बनाई जाने वाली कार्बाइड गन और कार्बाइड लैंप लोगों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। पानी के संपर्क में आने पर कैल्शियम कार्बाइड से एसीटिलीन गैस निकलती है, जो अत्यधिक ज्वलनशील होती है। इससे विस्फोट होने पर आंखों, चेहरे और त्वचा पर गंभीर चोट लग सकती है। गैस में आग लगने से जलने का खतरा भी रहता है।
पटाखों की दुकानों और भंडारण पर रहेगी नजर
सीएम ने निर्देश दिए कि पटाखों की दुकानों को लाइसेंस देते समय सभी निर्धारित शर्तों का सख्ती से पालन कराया जाए। दुकानों का भौतिक सत्यापन और नियमित निरीक्षण किया जाए। अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री रखने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए। प्रतिबंधित पटाखों की खरीद-बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल पर भी प्रभावी रोक लगाने को कहा गया है।
त्योहारों में सुरक्षा और आपात व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने, नियमित पुलिस पेट्रोलिंग करने और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए। महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के साथ अग्निशमन वाहन, उपकरण और प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध रखने को कहा गया है। प्रमुख स्थानों पर एंबुलेंस की व्यवस्था और अस्पतालों को अलर्ट रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मिलावटखोरों पर भी होगी कार्रवाई
बैठक में मुख्यमंत्री ने नकली या मिलावटी मावा, घी, पनीर और मिठाइयों की बिक्री रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा। खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने और मिलावट की आशंका होने पर नियमानुसार नमूने लेने तथा जरूरत पड़ने पर खाद्य सामग्री जब्त करने के निर्देश दिए गए।
विभाग की ओर से बैठक में बताया गया कि मिलावट के मामलों में अब तक 17 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं और 42 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जांच के दौरान छोटे व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए और कार्रवाई खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुरूप हो।
सरकार का जोर त्योहारों के दौरान सुरक्षा, अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव और मिलावट पर नियंत्रण के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर है।





