एमपी के CM मोहन यादव का राहुल गांधी पर निशाना, बोले- सत्ता के लिए बेचैन कांग्रेस पहले अपना इतिहास देखे

नरसिंहपुर: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनकी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव आयोग पर आरोप लगाने से पहले कांग्रेस को अपना इतिहास देखना चाहिए। रविवार को नरसिंहपुर में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी सत्ता के लिए बेचैन हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर गंभीर आरोप लगाने से पहले ठोस तथ्य और प्रमाण सामने रखे जाने चाहिए।
टीएन शेषन और केपीएस गिल का किया जिक्र
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस के इतिहास का उल्लेख करते हुए पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन और पूर्व पुलिस अधिकारी केपीएस गिल का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने टीएन शेषन को भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतारा था। साथ ही उन्होंने केपीएस गिल को कांग्रेस सरकार के दौरान मंत्री बनाए जाने का उल्लेख करते हुए पार्टी से चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने का आधार स्पष्ट करने को कहा।
परिवारवाद को लेकर भी कांग्रेस पर हमला
सीएम यादव ने कांग्रेस पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा कि कांग्रेस की राजनीति एक परिवार के इर्द-गिर्द केंद्रित होती चली गई है।
मुख्यमंत्री ने आजादी के बाद देशी रियासतों के विलय का जिक्र करते हुए कहा कि अनेक राजाओं और महाराजाओं ने राष्ट्रहित में अपने अधिकारों का त्याग किया था। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक कार्यशैली पर सवाल उठाए।
केरल में कांग्रेस की सफलता का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब इसी प्रक्रिया के तहत केरल में कांग्रेस को सफलता मिलती है, तब चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उसी तरह सवाल क्यों नहीं उठाए जाते। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति जताना और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना अधिकार का हिस्सा है, लेकिन गंभीर आरोपों के समर्थन में प्रमाण भी होने चाहिए।
गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है। वहीं, भाजपा नेता इन आरोपों पर पलटवार कर रहे हैं। इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।




