MP News: दोनों डिप्टी सीएम को नई कार देने से वित्त विभाग का इनकार, मंत्रियों और गृह सचिव के लिए खरीदी गईं गाड़ियां

भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार में नई सरकारी कारों की खरीद को लेकर अलग-अलग फैसले सामने आए हैं। मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए नई गाड़ियां खरीदी गईं, लेकिन दोनों उपमुख्यमंत्रियों जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल के लिए नई कार खरीदने के प्रस्ताव वित्त विभाग ने लौटा दिए। विभाग ने वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए मौजूदा गाड़ियों की मरम्मत कराकर इस्तेमाल करने को कहा है।
बताया जा रहा है कि दोनों उपमुख्यमंत्रियों की सरकारी गाड़ियां निर्धारित एक लाख 10 हजार किलोमीटर की सीमा पार कर चुकी हैं। इसके बाद गृह विभाग के माध्यम से नई गाड़ियां खरीदने के प्रस्ताव भेजे गए थे, जिन्हें वित्त विभाग से मंजूरी नहीं मिली।
सीएम और मंत्रियों के लिए खरीदी गईं नई कारें
जानकारी के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक चार नई सरकारी कारें खरीदी गई हैं। इनमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के लिए एक ईवीएक्स 9 कार और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह तथा गृह सचिव कृष्णा वेणी के लिए तीन इनोवा क्रिस्टा शामिल हैं।
ऐसे में एक ओर कुछ मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारी को नई गाड़ियां मिल गईं, वहीं दोनों उपमुख्यमंत्रियों के प्रस्ताव मंजूर नहीं हुए। इस अंतर को लेकर सरकारी वाहन खरीद की प्राथमिकताओं पर सवाल उठ रहे हैं।
खर्चों पर नियंत्रण के निर्देश भी जारी हुए थे
प्रदेश की वित्तीय स्थिति को देखते हुए करीब तीन महीने पहले सरकार ने खर्चों पर नियंत्रण के निर्देश दिए थे। इनमें अधिकारियों के विदेश दौरों, महंगे होटलों में बैठकों और अन्य खर्चों पर रोक लगाने जैसे कदम शामिल थे। विभागों को वर्चुअल बैठकें करने और जिलों के अधिकारियों को अनावश्यक रूप से भोपाल नहीं बुलाने के निर्देश भी दिए गए थे।
मंत्रियों के काफिले में गाड़ियों की संख्या कम करने की बात भी कही गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या सात रखने का निर्णय लिया था। इसके बावजूद इसी वित्त वर्ष में नई कारों की खरीद हुई है।
सप्लीमेंट्री बजट में भी वाहन खरीद पर रोक
वित्त विभाग ने दिसंबर में होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र के लिए चालू वित्त वर्ष के दूसरे अनुपूरक बजट के प्रस्ताव 22 अक्टूबर तक भेजने को कहा है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे नए खर्चों के प्रस्ताव शामिल नहीं किए जा सकेंगे, जिनसे राज्य के वित्तीय संसाधनों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। वाहन खरीद के प्रस्ताव अनुपूरक बजट में शामिल नहीं करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
महाराष्ट्र में 4.08 करोड़ की बुलेटप्रूफ कार को मंजूरी
दूसरी ओर, महाराष्ट्र सरकार ने 9 अक्टूबर को वीवीआईपी और राज्य अतिथियों की सुरक्षा एवं परिवहन व्यवस्था के लिए 12.68 करोड़ रुपये की 44 गाड़ियां खरीदने की मंजूरी दी है। इनमें 4.08 करोड़ रुपये की बुलेटप्रूफ टोयोटा लैंड क्रूजर 300 भी शामिल है, जिसे मुंबई में तैनात किया जाएगा।
इन वाहनों का इस्तेमाल राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों, दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्रियों और विदेशी मेहमानों के दौरों के दौरान किया जाना है।
मध्य प्रदेश में दोनों उपमुख्यमंत्रियों की गाड़ियों के प्रस्ताव खारिज होने और दूसरी ओर नई कारों की खरीद के बीच सरकारी खर्च और वाहन बदलने के नियमों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, वित्त विभाग के फैसले के पीछे विस्तृत वित्तीय आकलन और संबंधित प्रस्तावों की शर्तें सामने आने पर ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।





