MP Employees DA Hike: महंगाई भत्ता नहीं बढ़ने पर कर्मचारी नाराज, दिवाली से पहले 2% DA बढ़ाने की मांग

भोपाल। मध्यप्रदेश में महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) बढ़ाने में देरी को लेकर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स में नाराजगी बढ़ रही है। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने दिवाली से पहले 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत बढ़ाने की मांग की है। संघ का कहना है कि यदि सरकार ने समय रहते फैसला नहीं लिया, तो कर्मचारी काली दिवाली मनाने को मजबूर होंगे।
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी के मुताबिक, केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत दे रही है, जबकि मध्यप्रदेश के कर्मचारियों को फिलहाल 58 प्रतिशत ही मिल रहा है। उनका आरोप है कि पिछले 10 महीने से राज्य सरकार ने इस अंतर को दूर करने के लिए घोषणा नहीं की है।
700 करोड़ रुपये के खर्च का दिया हवाला
उमाशंकर तिवारी ने कहा कि कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी और 10 महीने का एरियर देने पर सरकार पर करीब 700 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आएगा। दूसरी ओर, उनके मुताबिक, सरकार लाड़ली बहना योजना के तहत हर महीने करीब 1,834 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब महंगाई सभी के लिए समान है, तो कर्मचारियों को केंद्र के बराबर महंगाई भत्ता क्यों नहीं दिया जा रहा।
कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
महंगाई भत्ता और महंगाई राहत जारी करने की मांग को लेकर कर्मचारियों ने शासकीय केंद्रीय मुद्रणालय के डाक भवन के सामने प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग की कि बढ़ा हुआ भत्ता जनवरी 2026 से लागू किया जाए। तिवारी ने चेतावनी दी कि दिवाली से पहले 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी नहीं हुई, तो कर्मचारी काली दिवाली मनाएंगे।
संघ पदाधिकारियों का दावा है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता और राहत दी जा चुकी है, जबकि प्रदेश के अन्य कर्मचारियों को अब भी इंतजार करना पड़ रहा है। प्रदर्शन में तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ और मध्यप्रदेश वाहन चालक यांत्रिकी कर्मचारी संघ सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
महंगाई से बिगड़ रहा घरेलू बजट
कर्मचारी संगठनों ने कहा कि गैस, पेट्रोल-डीजल, दूध, चावल, शक्कर और दाल जैसी जरूरी चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी से घरेलू बजट प्रभावित हुआ है। ऐसे में महंगाई भत्ता और महंगाई राहत में वृद्धि नहीं होने से कर्मचारियों की आर्थिक परेशानी बढ़ रही है। संघ ने सरकार से दिवाली से पहले फैसला लेने की मांग की है।





