MP Government Loan: मध्य प्रदेश सरकार ने फिर लिया 2500 करोड़ का कर्ज, चालू वित्त वर्ष में आंकड़ा 53,900 करोड़ पहुंचा

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस से एक दिन पहले मध्य प्रदेश सरकार ने 2,500 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया है। सरकार ने यह राशि सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी और री-इश्यू के जरिए जुटाई है। आरबीआई के माध्यम से हुई नीलामी के बाद बुधवार को सरकार को इस कर्ज की राशि प्राप्त हुई।
सरकार ने दस्तावेजों में कर्ज लेने का उद्देश्य विकास कार्यों और उत्पादक योजनाओं एवं परियोजनाओं के लिए वित्त जुटाना बताया है। नए कर्ज के साथ चालू वित्त वर्ष 2026-27 में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा लिया गया कुल कर्ज 53,900 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
वहीं, इस नए कर्ज के बाद राज्य सरकार पर कुल बकाया कर्ज बढ़कर 5,42,614 करोड़ रुपये हो गया है।
सितंबर में पहले भी लिया था 3,600 करोड़ का कर्ज
मध्य प्रदेश सरकार ने इससे पहले 1 सितंबर 2026 को भी विकास और उत्पादक योजनाओं एवं परियोजनाओं के लिए 3,600 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था।
अब सितंबर में 2,500 करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने के बाद राज्य के चालू वित्त वर्ष के कर्ज में एक और बड़ी राशि जुड़ गई है।
700 करोड़ रुपये का कर्ज, 8 साल की अवधि
कर्ज की पहली किश्त के तौर पर सरकार ने 700 करोड़ रुपये जुटाए हैं। यह राशि मध्य प्रदेश सरकारी प्रतिभूति 2034 की री-इश्यू के जरिए जुटाई गई है।
इस प्रतिभूति पर 7.39% सालाना ब्याज निर्धारित है। इसकी अवधि 8 साल है। प्रतिभूति 22 जुलाई 2026 को जारी की गई थी और इसका मूलधन 22 जुलाई 2034 को चुकाया जाएगा।
ब्याज का भुगतान साल में दो बार किया जाएगा। इसके लिए 22 जनवरी और 22 जुलाई की तारीख निर्धारित है।
900 करोड़ रुपये का कर्ज, 12 साल में चुकाना होगा
दूसरी सरकारी प्रतिभूति के जरिए मध्य प्रदेश सरकार ने 900 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इस पर ब्याज दर 7.58% सालाना है और इसकी अवधि 12 साल निर्धारित की गई है।
यह प्रतिभूति भी 22 जुलाई 2026 से प्रभावी है। इसका मूलधन 22 जुलाई 2038 को चुकाया जाएगा।
इस प्रतिभूति पर भी ब्याज का भुगतान साल में दो बार यानी 22 जनवरी और 22 जुलाई को किया जाएगा।
22 साल के लिए लिया 900 करोड़ रुपये का कर्ज
कर्ज की तीसरी और सबसे लंबी अवधि वाली किश्त भी 900 करोड़ रुपये की है। इसके लिए जारी सरकारी प्रतिभूति की ब्याज दर 7.66% सालाना है।
यह प्रतिभूति 19 अगस्त 2026 से प्रभावी है और इसका मूलधन 19 अगस्त 2048 को चुकाया जाना है। यानी इस कर्ज की अवधि करीब 22 वर्ष है।
इस पर ब्याज का भुगतान हर साल 19 फरवरी और 19 अगस्त को किया जाएगा।
तीनों कर्ज की पूरी जानकारी एक नजर में
| राशि | ब्याज दर | अवधि | मूलधन भुगतान |
|---|---|---|---|
| ₹700 करोड़ | 7.39% | 8 वर्ष | 22 जुलाई 2034 |
| ₹900 करोड़ | 7.58% | 12 वर्ष | 22 जुलाई 2038 |
| ₹900 करोड़ | 7.66% | 22 वर्ष | 19 अगस्त 2048 |
| कुल ₹2,500 करोड़ | — | — | — |
RBI के जरिए नीलामी से जुटाई राशि
सरकार ने ये कर्ज सरकारी सिक्योरिटीज और री-इश्यू के माध्यम से लिए हैं। इसके लिए मंगलवार को नीलामी हुई थी, जिसके बाद बुधवार को राज्य सरकार को राशि का भुगतान किया गया।
सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक इन प्रतिभूतियों का उपयोग विकास कार्यों के वित्तपोषण के लिए किया जाना है। साथ ही इन प्रतिभूतियों में निवेश बैंकों के लिए Statutory Liquidity Ratio (SLR) के तहत पात्र निवेश माना जाएगा।
दस्तावेजों में यह भी उल्लेख है कि ये सरकारी प्रतिभूतियां Ready Forward Facility के लिए पात्र होंगी।
चालू वित्त वर्ष में 53,900 करोड़ का कर्ज
नए 2,500 करोड़ रुपये के कर्ज के बाद वित्त वर्ष 2026-27 में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा लिया गया कुल कर्ज 53,900 करोड़ रुपये हो गया है। राज्य सरकार पहले भी अलग-अलग चरणों में बाजार से कर्ज जुटाती रही है।
नए कर्ज के साथ राज्य पर कुल बकाया कर्ज का आंकड़ा 5.42 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। सरकार की ओर से इन उधारियों का उद्देश्य विकास और उत्पादक योजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन जुटाना बताया गया है।





