MP Mohan Cabinet: 24,500 करोड़ के काम मंजूर, अग्निवीरों को 5 वर्दीधारी विभागों में 20% आरक्षण

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक में विकास, रोजगार, स्वास्थ्य, सड़क और सिंचाई से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में करीब 24,500 करोड़ रुपये के कामों और योजनाओं को स्वीकृति दी गई। इनमें अग्निवीरों को पांच वर्दीधारी सेवाओं की भर्ती में 20% क्षैतिज आरक्षण, दमोह-कटनी के बीच 105.10 किलोमीटर फोरलेन सड़क, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और चार सिंचाई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने जैसे फैसले शामिल हैं।
अग्निवीरों को 5 वर्दीधारी सेवाओं में 20% आरक्षण
कैबिनेट ने अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में अवसर देने के लिए पांच वर्दीधारी सेवाओं की भर्ती में 20% क्षैतिज आरक्षण देने का फैसला किया है।
इसका लाभ इन पदों पर मिलेगा—
- गृह विभाग के सामान्य आरक्षक
- विशेष सशस्त्र बल
- जेल प्रहरी
- वन रक्षक
- आबकारी आरक्षक
गृह विभाग के सामान्य आरक्षक और विशेष सशस्त्र बल की भर्ती में होमगार्ड को 10%, भूतपूर्व सैनिकों को 5% और अग्निवीरों को 20% आरक्षण दिया जाएगा।
जेल प्रहरी और वन रक्षक के पदों पर होमगार्ड के लिए 15%, भूतपूर्व सैनिकों के लिए 5% और अग्निवीरों के लिए 20% आरक्षण तय किया गया है। आबकारी आरक्षक के पद पर होमगार्ड को 10%, भूतपूर्व सैनिकों को 5% और अग्निवीरों को 20% आरक्षण मिलेगा।
दमोह-कटनी फोरलेन पर 4,470 करोड़ रुपये खर्च
कैबिनेट ने दमोह से कटनी के बीच 105.10 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग के निर्माण को मंजूरी दी है। इस परियोजना पर GST समेत 4,470 करोड़ 30 लाख रुपये खर्च होंगे।
सड़क का निर्माण हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल पर किया जाएगा। सरकार के अनुसार, इस सड़क से बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के बीच सड़क कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
58 लाख बच्चों को गणवेश के लिए 600 रुपये DBT
कक्षा 1 से 8वीं तक पढ़ने वाले करीब 58 लाख विद्यार्थियों की गणवेश योजना में बदलाव किया गया है। गणवेश तैयार कराकर उपलब्ध कराने में हो रही देरी को देखते हुए अब प्रति गणवेश 600 रुपये सीधे अभिभावकों के बैंक खाते में DBT के जरिए दिए जाएंगे।
इस व्यवस्था पर करीब 341 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सरकार अगले वर्ष बच्चों को बेहतर गुणवत्ता की गणवेश उपलब्ध कराने के लिए नई व्यवस्था पर भी विचार करेगी।
अतिथि शिक्षकों की योजना 2030-31 तक जारी
कैबिनेट ने अतिथि शिक्षकों के मानदेय से जुड़ी योजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इसके लिए 5,329 करोड़ 17 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों के स्थान पर अतिथि शिक्षकों के माध्यम से शिक्षण व्यवस्था संचालित की जाती है। प्रदेश में 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षक कार्यरत बताए गए हैं।
सिंगरौली जिला अस्पताल में अब 605 बेड
सिंगरौली जिला अस्पताल की क्षमता बढ़ाकर 605 बिस्तर करने का फैसला लिया गया है। इसके लिए 372 करोड़ 12 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
इसमें 155 अतिरिक्त बिस्तर बढ़ाने के साथ अस्पताल के आंतरिक और बाहरी विकास, बायोमेडिकल उपकरण, फर्नीचर समेत अन्य कार्य शामिल हैं।
वहीं छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल और अन्य भवनों की लागत का पुनरीक्षण करते हुए अब 953 करोड़ 69 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।
स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 3,113 करोड़ रुपये
प्रदेश में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्रों के भवन निर्माण से जुड़ी योजना को अगले पांच साल तक जारी रखने के लिए 3,113 करोड़ 27 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।
इसके साथ ही ड्रग रेग्युलेटरी सिस्टम को मजबूत करने और औषधि नियंत्रण से संबंधित योजनाओं के लिए भी राशि स्वीकृत की गई है।
चार सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक चार बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को आगे जारी रखने की मंजूरी दी है।
मां रतनगढ़ बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना, दतिया:
इस परियोजना के लिए 1,608.02 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे 78,484 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।
रामपुरा-मनासा सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना, नीमच:
इसके लिए 524 करोड़ 65 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे 65,400 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित की जा रही है।
कान्ह डायवर्सन क्लोज्ड डक्ट परियोजना, उज्जैन:
इसके लिए 358 करोड़ 22 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। परियोजना का उद्देश्य कान्ह नदी के प्रदूषित पानी को शिप्रा नदी में मिलने से रोकना है।
बंडा वृहद सिंचाई परियोजना, सागर:
इसके लिए 1,052 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। परियोजना से 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित करने का लक्ष्य है।
छात्रावासों में अब 1 रुपये किलो मिलेगा खाद्यान्न
विमुक्त, घुमंतू और अर्धघुमंतू वर्ग के छात्रावासों, आश्रमों और सामुदायिक कल्याण केंद्रों में रहने वाले लोगों को अब 1 रुपये प्रति किलो की दर से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा।
फिलहाल इन संस्थानों में खाद्यान्न 5 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया जाता था।
ग्रामीण विकास निधि के लिए 3,580 करोड़
भूमि के अंतरण पर मिलने वाले उपकर की राशि को ग्रामीण विकास निधि में देने की योजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 3,580.22 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
इस राशि का इस्तेमाल ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं के लिए किया जाएगा।
न्यायिक ढांचे पर 1,342 करोड़ से ज्यादा खर्च
विधि एवं विधायी कार्य विभाग की 14 योजनाओं को अगले पांच साल तक जारी रखने के लिए 1,342 करोड़ 48 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।
इसमें हाईकोर्ट भवन और आवासीय परिसर, महाधिवक्ता कार्यालय, राज्य न्यायिक अकादमी, अधिवक्ता कल्याण, लोक अदालत और आईटी सुविधाओं से जुड़े काम शामिल हैं।
इसके अलावा केंद्र की योजना के तहत न्यायालय भवनों के निर्माण से जुड़े लंबित दायित्वों के लिए राज्य की ओर से 691 करोड़ 1 लाख रुपये उपलब्ध कराने की अनुमति भी दी गई है।
कैबिनेट के फैसलों में रोजगार, सड़क, स्वास्थ्य, सिंचाई, शिक्षा और ग्रामीण विकास से जुड़े कई क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इनमें अग्निवीरों के लिए आरक्षण और बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं प्रमुख फैसलों में शामिल हैं।





