Rahul Gandhi Indore: दौरे से पहले शहर में लगे ‘झूठ की गूंज’ वाले पोस्टर, ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले सियासत गरम

इंदौर। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 19 सितंबर को प्रस्तावित इंदौर दौरे से पहले शहर में उनके विरोध में पोस्टर लगाए जाने का मामला सामने आया है। देर रात शहर के अलग-अलग हिस्सों में लगाए गए इन पोस्टरों पर बड़े अक्षरों में ‘झूठ की गूंज’ लिखा गया है। पोस्टर किस संगठन या व्यक्ति की ओर से लगाए गए, इसकी आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
राहुल गांधी शनिवार को इंदौर में कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं। कार्यक्रम में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर संवाद प्रस्तावित है। ऐसे में कार्यक्रम से पहले सामने आए विरोधी पोस्टरों ने शहर में चल रही राजनीतिक बयानबाजी को और चर्चा में ला दिया है।
पोस्टरों पर लिखा- ‘झूठ की गूंज’
शहर के अलग-अलग स्थानों पर दिखाई दिए पोस्टरों में ‘झूठ की गूंज’ लिखा हुआ है। रिपोर्टों के मुताबिक, ये पोस्टर देर रात लगाए गए। हालांकि, इन्हें किसने लगाया और इसके पीछे किस संगठन या राजनीतिक समूह का हाथ है, इसकी पुष्टि अभी प्रशासन की ओर से नहीं की गई है।
यह नारा राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के नाम के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले भी कार्यक्रम को लेकर बीजेपी और कांग्रेस नेताओं के बीच बयानबाजी सामने आई है। बीजेपी के प्रदेश सह-मीडिया प्रभारी आलोक दुबे ने कार्यक्रम के नाम को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए ‘झूठ की गूंज’ कहने की बात कही थी।
‘छात्रों की गूंज’ को लेकर पहले से सियासी विवाद
राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम को लेकर पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल बनी हुई है। कार्यक्रम के लिए पहले जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम का विकल्प सामने आया था, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के बाद कांग्रेस ने रीजनल पार्क के सामने IDA की जमीन पर कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी की।
IDA ने कांग्रेस को 17 से 19 सितंबर तक के लिए करीब 12,000 वर्ग मीटर जमीन अस्थायी तौर पर दी थी। बाद में प्राधिकरण ने निर्धारित अवधि से पहले जमीन के एक हिस्से के इस्तेमाल को लेकर कांग्रेस से अतिरिक्त ₹4.03 लाख भुगतान की मांग की। कांग्रेस ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई और इसे राजनीतिक दबाव से जोड़ा, जबकि प्रशासनिक पक्ष में इसे निर्धारित शर्तों से जुड़ा मामला बताया गया है।
कार्यक्रम से पहले सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां
राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था भी की गई है। कार्यक्रम को लेकर अनुमति और सुरक्षा से संबंधित शर्तें पहले ही सामने आ चुकी हैं।
वहीं, पोस्टर सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल पर भी नजर रखी जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ पुलिस ने कोई कार्रवाई शुरू की है या नहीं।
राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है। कार्यक्रम से पहले सामने आए ‘झूठ की गूंज’ पोस्टरों ने इंदौर में राजनीतिक टकराव को एक नया मुद्दा दे दिया है। हालांकि, पोस्टरों के पीछे जिम्मेदार लोगों की पहचान और उनके उद्देश्य को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।





