Sagar SP Anurag Sujania: जहरीली शराब कांड के बीच फिर सवालों में SP, मुरैना के बाद सागर में भी विवाद

सागर। सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सागर एसपी अनुराग सुजानिया की भूमिका को लेकर भी राजनीतिक सवाल उठाए जा रहे हैं। वजह सिर्फ सागर की मौजूदा घटना नहीं, बल्कि वर्ष 2021 में मुरैना में उनके एसपी रहते हुए हुआ जहरीली शराब कांड भी है।
अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सागर पहुंचकर एसपी अनुराग सुजानिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मुरैना के पुराने शराब कांड का हवाला देते हुए सागर में हुई घटना पर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, दिग्विजय सिंह के आरोपों पर पुलिस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
2014 बैच के IPS अधिकारी हैं अनुराग सुजानिया
अनुराग सुजानिया 2014 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं। वे मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले बताए जाते हैं और इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से आते हैं। पुलिस सेवा में आने के बाद उन्होंने मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में जिम्मेदारियां संभाली हैं। वे टीकमगढ़, मंदसौर और मुरैना में पुलिस अधीक्षक के रूप में काम कर चुके हैं। सागर एसपी की जिम्मेदारी संभालने से पहले वे पुलिस मुख्यालय में AIG प्रशासन के पद पर तैनात थे।
मुरैना में 2021 का जहरीली शराब कांड
अनुराग सुजानिया के पुलिस करियर में मुरैना की पोस्टिंग सबसे ज्यादा चर्चा में रही। वर्ष 2021 में उनके मुरैना एसपी रहते जहरीली शराब पीने से 24 लोगों की मौत हुई थी। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठे थे। अवैध शराब के नेटवर्क और पुलिस की कथित भूमिका को लेकर भी आरोप सामने आए। घटना के बाद अनुराग सुजानिया को एसपी पद से हटा दिया गया था।
इस मामले में बाद में न्यायिक प्रक्रिया भी चली। नवंबर 2025 में जौरा की अदालत ने मामले में 14 दोषियों को 10-10 साल की सजा सुनाई थी।
सागर में चार महीने पहले संभाली थी जिम्मेदारी
मुरैना की घटना के बाद अनुराग सुजानिया की पोस्टिंग पुलिस मुख्यालय में रही। इसके बाद करीब चार महीने पहले उन्हें सागर जिले का एसपी बनाया गया।
सागर में उनकी तैनाती को अभी ज्यादा समय नहीं हुआ था कि बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से जुड़ा मामला सामने आ गया। घटना में कई लोगों की मौत के बाद अवैध शराब की बिक्री, निगरानी व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे।
राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन भी किया है। रिटायर्ड हाईकोर्ट जस्टिस विष्णु प्रताप सिंह चौहान की अध्यक्षता वाला आयोग घटना के कारणों के साथ संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के उपायों की जांच करेगा।
दिग्विजय सिंह ने लगाए 50-60 लाख रुपये वसूली के आरोप
जहरीली शराब कांड के बाद सागर पहुंचे दिग्विजय सिंह ने प्रभावित परिवारों और कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने एसपी अनुराग सुजानिया पर हर महीने करीब 50 से 60 लाख रुपये की कथित अवैध वसूली का आरोप लगाया।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि यदि उनके आरोप गलत हैं तो एसपी उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा कर सकते हैं और वह अदालत में अपने आरोपों को प्रमाणित करेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने मुरैना में वर्ष 2021 में हुए जहरीली शराब कांड का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस अधिकारी के मुरैना एसपी रहते जहरीली शराब से मौतों का मामला सामने आया था, वही अधिकारी अब सागर में एसपी हैं और यहां भी इसी तरह की घटना सामने आ गई।
आरोपों पर पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
दिग्विजय सिंह के आरोपों के बाद सागर एसपी अनुराग सुजानिया की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। हालांकि, 50-60 लाख रुपये की कथित वसूली के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की ओर से इन आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
वहीं सागर जहरीली शराब मामले की न्यायिक जांच अब अलग से चल रही है। आयोग की रिपोर्ट से यह सामने आने की उम्मीद है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और संबंधित विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों ने अपने निर्धारित दायित्वों का निर्वहन किस तरह किया।
इस बीच अनुराग सुजानिया के मुरैना कार्यकाल से जुड़े पुराने शराब कांड और सागर की मौजूदा घटना को लेकर उठ रहे राजनीतिक सवालों पर आगे की जांच और आधिकारिक रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।





