Shamshabad Land Registry: एक ही जमीन की दो रजिस्ट्री, किसान ने पटवारी पर पैसे मांगने का लगाया आरोप

भोपाल/शमशाबाद। शमशाबाद तहसील के ग्राम बिछिया में एक ही जमीन की दो बार रजिस्ट्री होने का मामला सामने आया है। किसान दुर्जन सिंह का आरोप है कि उन्होंने गांव के ही एक व्यक्ति से 8 बिस्वा जमीन खरीदी थी और 18 मई 2026 को खसरा नंबर 275 की रजिस्ट्री अपने नाम कराई थी। इसके दो दिन बाद ही उन्होंने जमीन के नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय में आवेदन भी कर दिया था।
किसान का कहना है कि इसके बावजूद उसी जमीन की 19 जून 2026 को नीरज कुशवाह के नाम दोबारा रजिस्ट्री करा दी गई। इतना ही नहीं, बाद में दूसरे खरीदार के नाम नामांतरण भी हो गया।
नामांतरण के दौरान पटवारी पर पैसे मांगने का आरोप
दुर्जन सिंह ने आरोप लगाया है कि नामांतरण की प्रक्रिया के दौरान तत्कालीन पटवारी ने उनसे पैसे की मांग की थी। किसान का कहना है कि जब जमीन की रजिस्ट्री पहले ही उनके नाम हो चुकी थी और वह नामांतरण के लिए आवेदन भी कर चुके थे, तो बाद में उसी जमीन की दोबारा रजिस्ट्री और दूसरे व्यक्ति के नाम नामांतरण कैसे हो गया, यह बड़ा सवाल है।
किसान ने प्रशासन के सामने पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
रजिस्ट्री और तहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल
एक ही खसरा नंबर की जमीन की दो अलग-अलग लोगों के नाम रजिस्ट्री और उसके बाद दूसरे खरीदार के नाम नामांतरण होने से रजिस्ट्री कार्यालय और तहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
मामले में यह जांच का विषय है कि पहली रजिस्ट्री और नामांतरण के आवेदन की जानकारी होने के बावजूद उसी जमीन की दूसरी रजिस्ट्री किस आधार पर हुई। साथ ही दूसरे खरीदार के नाम नामांतरण की प्रक्रिया में पहले से मौजूद दस्तावेजों और रिकॉर्ड का सत्यापन किस स्तर पर किया गया।
किसान ने प्रशासन से मांगा अपना हक
पीड़ित किसान ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जमीन से जुड़े सभी दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड की जांच करने तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल मामले में किसान की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि एक ही जमीन की दो रजिस्ट्री और बाद में दूसरे व्यक्ति के नाम नामांतरण कैसे हुआ।





