Shivpuri Land Dispute: विधायक देवेंद्र जैन और बेटे पर 18 बीघा जमीन कब्जाने का आरोप, बोले- मेरे पास सिर्फ 9 बीघा वैध जमीन

शिवपुरी। शिवपुरी कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान भाजपा विधायक देवेंद्र जैन और उनके बेटे सक्षम जैन से जुड़ा जमीन विवाद सामने आया है। जमीन विक्रेता आनंद गोयल ने आरोप लगाया है कि ककरवाया में उनकी करीब 18 बीघा जमीन में से 9 बीघा बेचने के बाद शेष जमीन पर भी कब्जा कर लिया गया।
आनंद गोयल ने जनसुनवाई में प्रशासन के सामने शिकायत दर्ज कराते हुए मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। वहीं विधायक देवेंद्र जैन ने अपने और अपने बेटे पर लगाए गए आरोपों को झूठा, मनगढ़ंत और निराधार बताया है।
18 बीघा जमीन में से 9 बीघा बेचने का दावा
शिकायतकर्ता आनंद गोयल के मुताबिक, ककरवाया स्थित करीब 18 बीघा जमीन में से उन्होंने केवल 9 बीघा जमीन ही बेची थी। उनका आरोप है कि बाद में पूरी 18 बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया गया।
गोयल ने इस मामले में स्थानीय राजस्व अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं और प्रशासन से जमीन संबंधी रिकॉर्ड की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
फिलहाल यह शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप हैं। जमीन के स्वामित्व और कब्जे की वास्तविक स्थिति का अंतिम निर्धारण संबंधित राजस्व रिकॉर्ड और प्रशासनिक जांच से स्पष्ट होगा।
विधायक बोले- मेरे पास सिर्फ खरीदी गई 9 बीघा जमीन
आरोपों पर विधायक देवेंद्र जैन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके पास वैधानिक रूप से वही 9 बीघा जमीन है, जिसे उन्होंने खरीदा है।
विधायक ने कहा कि उन्हें किसी की अवैध जमीन की जरूरत नहीं है और उनके तथा उनके बेटे पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। इस तरह इस मामले में शिकायतकर्ता और विधायक की ओर से जमीन के कब्जे और स्वामित्व को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
प्रशासन के सामने शिकायत, जांच शुरू
मामले की शिकायत जनसुनवाई में प्रशासन के समक्ष की गई है। शिकायत में जमीन के अतिरिक्त हिस्से पर कब्जे के आरोपों के साथ स्थानीय राजस्व अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है।
अब प्रशासनिक स्तर पर जमीन के दस्तावेज, राजस्व रिकॉर्ड, बिक्री से जुड़े कागजात और मौके की स्थिति की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवादित जमीन का वास्तविक स्वामित्व और कब्जा किसके पास है।
गौरतलब है कि विधायक देवेंद्र जैन 2023 के मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में शिवपुरी सीट से भाजपा के उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित हुए थे। उनके 2023 के चुनावी हलफनामे में ककरवाया क्षेत्र में कृषि भूमि का भी उल्लेख है। हालांकि यह रिकॉर्ड अपने आप में मौजूदा विवादित 18 बीघा जमीन के स्वामित्व या कब्जे का प्रमाण नहीं है।





