Ujjain Shahi Masjid Row: शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने का काम जारी, 8 FIR और 15 गिरफ्तार; 100 से ज्यादा कंटेंट हटाए

उज्जैन। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए उज्जैन की शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई जारी है। सोमवार को कार्रवाई के दौरान पथराव और पुलिस से झड़प के बाद शहर में तनाव की स्थिति बनी, जिसके बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। पुलिस के मुताबिक, मामले में अब तक 8 FIR दर्ज की गई हैं और 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है और 100 से ज्यादा कंटेंट हटाए गए हैं।
मस्जिद कमेटी की सहमति से हटाया जा रहा प्रभावित हिस्सा
प्रशासन के अनुसार, सड़क चौड़ीकरण के लिए निर्धारित क्षेत्र में आने वाले शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने की कार्रवाई मस्जिद कमेटी के सदस्यों की सहमति से की जा रही है। सोमवार को सुबह करीब 8:45 बजे से शाम 7 बजे तक प्रभावित हिस्से को हटाने का काम चलता रहा।
इससे पहले रविवार रात प्रशासन और मुस्लिम धर्मगुरुओं व मस्जिद कमेटी के सदस्यों के बीच चर्चा हुई थी। इसके बाद सहमति बनी कि मस्जिद कमेटी की ओर से ही प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया में सहयोग किया जाएगा। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में भी संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान पक्षकारों के बीच हुए समझौते को दर्ज करते हुए मामले का निपटारा किया गया था।
सोशल मीडिया पर पूरी मस्जिद तोड़े जाने की अफवाह
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो और पोस्ट प्रसारित हुए, जिनमें यह दावा किया गया कि पूरी शाही मस्जिद को गिराया जा रहा है। जांच में कुछ वीडियो के AI-generated और भ्रामक होने की बात भी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि इन सामग्री के कारण लोगों के बीच गलतफहमी और तनाव बढ़ा।
इसके बाद कुछ लोगों ने मौके पर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और पुलिस पर पथराव किया। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। घटनाक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी रिपोर्ट सामने आई है।
शहर काजी के घर पर भी पथराव
भ्रामक जानकारी को लेकर शहर काजी की ओर से वीडियो जारी कर लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई। इसके बाद कुछ लोगों ने शहर काजी के घर के बाहर पहुंचकर नारेबाजी और पथराव किया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लिया और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस के मुताबिक, शहर काजी की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत भी कुल FIR में शामिल है। इस मामले में 11 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज होने की बात सामने आई है।
8 FIR में 20 नामजद, 15 गिरफ्तार
उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा के मुताबिक, पूरे घटनाक्रम में अब तक 8 FIR दर्ज की गई हैं। इनमें शहर काजी की शिकायत से जुड़ा मामला भी शामिल है। कुल FIR में करीब 20 नामजद आरोपियों की जानकारी सामने आई है, जिनमें से 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की भी जांच कर रही है। पांच सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए जाने की बात पुलिस की ओर से कही गई है।
100 से ज्यादा कंटेंट हटाए गए
पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर भ्रामक और माहौल प्रभावित करने वाले कंटेंट की निगरानी की जा रही है। कार्रवाई के दौरान 100 से अधिक कंटेंट हटवाए गए हैं। पुलिस CCTV, ड्रोन फुटेज और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन लोगों की पहचान कर रही है, जिनकी भूमिका हिंसा या भ्रामक सूचना के प्रसार में सामने आती है।
करीब 2500 पुलिसकर्मी तैनात
स्थिति को देखते हुए उज्जैन में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, करीब 2500 पुलिसकर्मी और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान संवेदनशील इलाकों में तैनात किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और इलाके में निगरानी बढ़ाई गई है।
कलेक्टर ने की अफवाहों से बचने की अपील
कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण का काम मास्टर प्लान के तहत किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सड़क की निर्धारित सीमा में आने वाले मकान, दुकान और धार्मिक स्थलों को संबंधित समुदायों के सहयोग से हटाया जा रहा है।
प्रशासन ने लोगों से सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी भ्रामक जानकारी को सत्य मानकर आगे साझा नहीं करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि अफवाह फैलाने या भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।





