बड़वानी में गांजे की अवैध खेती का खुलासा, ड्रोन से पकड़े 1700 से ज्यादा पौधे, 41 लाख का गांजा जब्त

बड़वानी। मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ऑपरेशन 'ग्रीन स्ट्राइक' के तहत वरला थाना पुलिस ने ग्राम बोरपडवा में छापा मारकर गांजे की अवैध खेती का खुलासा किया है। पुलिस ने खेत से 1700 से ज्यादा हरे गांजे के पौधे जब्त किए हैं। इनका कुल वजन 4 क्विंटल से अधिक बताया जा रहा है, जबकि अनुमानित कीमत करीब 41 लाख रुपये आंकी गई है।
ड्रोन से तलाशा खेत, फिर पुलिस ने मारा छापा
31 अक्टूबर 2026 को वरला थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम बोरपडवा के एक खेत में अवैध रूप से गांजे की खेती की जा रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की योजना तैयार की।
प्रभारी पुलिस अधीक्षक विनोद सिंह के निर्देशन और सेंधवा एसडीओपी अजय वाघमारे के मार्गदर्शन में वरला थाना प्रभारी नारायण रावल के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई।
पुलिस ने सबसे पहले ड्रोन की मदद से खेत की लोकेशन और वहां लगी फसल की स्थिति का पता लगाया। इसके बाद टीम ने मौके पर दबिश दी। तलाशी के दौरान खेत में बड़ी संख्या में गांजे के पौधे मिले, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया।
4 क्विंटल से ज्यादा गांजे के पौधे जब्त
पुलिस की कार्रवाई में 1700 से अधिक गांजे के हरे पौधे बरामद हुए। इनका वजन 400 किलोग्राम से ज्यादा बताया गया है। पुलिस के अनुसार जब्त पौधों की अनुमानित कीमत करीब 41 लाख रुपये है।
इतनी बड़ी मात्रा में गांजे की अवैध खेती सामने आने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि खेत में फसल किसने लगाई थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
वन विभाग की मदद से आरोपियों की पहचान
पुलिस ने मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अवैध खेती से जुड़े लोगों की पहचान के लिए वन विभाग की भी मदद ली जा रही है।
खेतों के रिकॉर्ड और क्षेत्र की भौगोलिक जानकारी के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि जमीन किसके कब्जे में है और गांजे की खेती कौन कर रहा था।
पुलिस की विशेष टीमें आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती और तस्करी के खिलाफ ऑपरेशन 'ग्रीन स्ट्राइक' के तहत कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।





