Ujjain News: सिंहस्थ 2028: उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण की जद में 20 से ज्यादा मंदिर और आश्रम, प्राचीन उत्तरामुखी हनुमान मंदिर पर भी संकट

Ujjain News: सिंहस्थ 2028: उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण की जद में 20 से ज्यादा मंदिर और आश्रम, प्राचीन उत्तरामुखी हनुमान मंदिर पर भी संकट

उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत होने वाला सड़क चौड़ीकरण विवादों में घिरता नजर आ रहा है। अंकपात चौराहे से खाक चौक होते हुए मंगलनाथ मंदिर तक करीब 2.01 किलोमीटर लंबे मार्ग के चौड़ीकरण की जद में 20 से ज्यादा प्राचीन मंदिर, आश्रम, अखाड़े, गुरुकुल और गोशालाएं आ रही हैं। इनमें प्रसिद्ध उत्तरामुखी हनुमान मंदिर और हांडी फोड़ भैरव मंदिर भी शामिल हैं। धार्मिक स्थलों के प्रभावित होने की आशंका से पुजारी और साधु-संत परेशान हैं। उन्होंने सरकार से सड़क की प्रस्तावित चौड़ाई कम करने की मांग की है।

100 फीट चौड़ी होगी सड़क, धार्मिक स्थलों पर लगाए लाल निशान

सिंहस्थ 2028 को देखते हुए अंकपात चौराहे से मंगलनाथ मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण की योजना तैयार की गई है। वर्तमान में यह सड़क करीब 45 से 50 फीट चौड़ी है। इसे बढ़ाकर 100 फीट करने की तैयारी है। परियोजना पर करीब 98.24 करोड़ रुपये खर्च होने का उल्लेख है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को इस परियोजना का भूमिपूजन किया था। इसके बाद से मार्ग पर स्थित धार्मिक स्थलों के व्यवस्थापकों की चिंता बढ़ गई है।

उज्जैन विकास प्राधिकरण की टीम ने कुछ दिन पहले सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित होने वाले स्थानों पर लाल निशान लगाए थे। अधिकांश स्थानों के करीब 6 से 8 मीटर तक प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

प्राचीन हनुमान मंदिर और हांडी फोड़ भैरव मंदिर भी प्रभावित

सड़क चौड़ीकरण की जद में प्राचीन उत्तरामुखी हनुमान मंदिर के साथ हांडी फोड़ भैरव मंदिर भी आ रहा है। हांडी फोड़ भैरव मंदिर का विशेष धार्मिक महत्व है। यहां नवरात्रि की अष्टमी पर होने वाली सरकारी पूजा का समापन होता है।

इसके अलावा अंकपात द्वार के पास लाल पत्थरों से बनाया जा रहा हनुमान मंदिर भी पूरी तरह चौड़ीकरण की जद में बताया जा रहा है। ऐसे में निर्माणाधीन मंदिर के भविष्य को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

इन मंदिरों और आश्रमों पर पड़ सकता है असर

सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित होने वाले प्रमुख धार्मिक स्थलों में श्रीलक्ष्मी नारायण मंदिर, श्रीराम मंदिर, उत्तरामुखी हनुमान मंदिर, बांके बिहारी मंदिर, अविघ्न विनायक गणेश मंदिर, श्रीराम-हनुमान मंदिर, नर्मदेश्वर महादेव मंदिर, खाकी अखाड़ा, मंगलमूर्ति सिद्धि विनायक गणेश मंदिर, वीर हनुमान मंदिर, हांडी फोड़ भैरव मंदिर और बृहस्पतेश्वर महादेव मंदिर शामिल हैं।

इसके अलावा गोपाल धाम, रविदास धाम, कैलाश बनारसी धाम, निर्मोही अखाड़ा, आमने-सामने मंदिर, हनुमान वाटिका आश्रम, गोशाला और गुरुकुल भी प्रभावित होने की आशंका है।

पुजारियों की मांग- 100 की जगह 70 से 75 फीट चौड़ी करें सड़क

उत्तरामुखी हनुमान मंदिर के पुजारी लक्ष्मीनारायण पाठक सुमन गुरु ने कहा कि सिंहस्थ के लिए विकास जरूरी है और धार्मिक संस्थान भी इसमें सहयोग कर रहे हैं। लेकिन विकास कार्यों के दौरान प्राचीन धार्मिक विरासत को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मंगलनाथ मार्ग की पहचान ही यहां के प्राचीन मंदिर, आश्रम और अखाड़े हैं। यदि सड़क का विस्तार जरूरी है तो इसे 100 फीट की बजाय 70 से 75 फीट तक चौड़ा किया जाना चाहिए, ताकि धार्मिक स्थलों को नुकसान से बचाया जा सके।

पुजारियों और व्यवस्थापकों ने इस मुद्दे को शासन-प्रशासन के सामने उठाने की बात कही है।

अभी सिर्फ मार्किंग हुई, नोटिस जारी होना बाकी

उज्जैन विकास प्राधिकरण के कार्यपालन यंत्री कुलदीप रघुवंशी के अनुसार अंकपात चौराहे से मंगलनाथ मार्ग तक फिलहाल केवल मार्किंग की गई है। प्रभावित स्थानों को नोटिस जारी करने सहित अन्य प्रक्रियाएं अभी बाकी हैं।

वहीं, शासन-प्रशासन का मानना है कि सड़क चौड़ीकरण सिंहस्थ 2028 के दौरान यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने के साथ उज्जैन के पर्यटन विकास और शहरी विस्तार के लिए भी जरूरी है। दूसरी ओर धार्मिक स्थलों से जुड़े लोग चाहते हैं कि विकास कार्यों के साथ शहर की प्राचीन धार्मिक पहचान भी सुरक्षित रखी जाए।

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