MP में जेल सुधार अधिनियम लागू करने की तैयारी, 4 IAS अफसरों की समिति गठित, 10 दिन में मुख्य सचिव को देगी रिपोर्ट

भोपाल। मध्यप्रदेश की जेलों में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार जेल व्यवस्था को आधुनिक बनाने और बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए जेल सुधार अधिनियम-2024 को लागू करने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए नियम-2026 तैयार किए जा रहे हैं। इन नियमों के परीक्षण और सुझाव देने के लिए चार वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। समिति को 10 कार्य दिवसों के भीतर अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपनी होगी।
नई व्यवस्था में जेलों की सुरक्षा के साथ बंदियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, कानूनी सहायता और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य जेलों को केवल सजा काटने की जगह नहीं, बल्कि बंदियों के सुधार और पुनर्वास का केंद्र बनाना है।
इन 4 आईएएस अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव जयेंद्र कुमार विजयवर्गीय की ओर से जारी आदेश के अनुसार समिति में जेल विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश कुमार, वित्त विभाग के सचिव लोकेश जाटव, गृह विभाग की सचिव शिल्पा गुप्ता और विधि विभाग के सचिव मुकेश कुमार को शामिल किया गया है।
इसके अलावा जेल विभाग के उप सचिव कमल नागर भी समिति में शामिल रहेंगे। समिति प्रस्तावित नियमों का परीक्षण करेगी और आवश्यक सुझावों के साथ अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपेगी।
बंदियों को मिलेंगी शिक्षा और कानूनी सहायता की सुविधाएं
जेल सुधार अधिनियम के तहत बंदियों के अधिकारों और सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था में बंदियों को समय पर मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के साथ बुनियादी और उच्च शिक्षा प्राप्त करने के अवसर देने की बात कही गई है।
जेलों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की भी योजना है। इसके अलावा बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
नई व्यवस्था में बंदियों के अपने परिवार के सदस्यों से संपर्क बनाए रखने की सुविधाओं को भी अधिक सुगम बनाया जाएगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और टेलीमेडिसिन का बढ़ेगा इस्तेमाल
जेलों के आधुनिकीकरण के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाने की तैयारी है। इसके तहत बंदियों की अदालती पेशी और मुलाकात के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा को बढ़ावा दिया जाएगा।
स्वास्थ्य जांच और उपचार संबंधी परामर्श के लिए टेलीमेडिसिन की व्यवस्था विकसित की जाएगी। जेलों की सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक उपकरणों के उपयोग पर भी जोर रहेगा।
इससे जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
तीन पुराने कानूनों की जगह लेगी नई व्यवस्था
जेल सुधार अधिनियम-2024 के तहत तैयार की जा रही नई व्यवस्था के लागू होने के बाद जेलों से जुड़े तीन पुराने कानूनों की जगह आधुनिक प्रावधान लागू किए जाने की योजना है।
सरकार का जोर जेलों में मानवाधिकारों के संरक्षण, बंदियों के पुनर्वास और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार पर है।
फिलहाल उच्चस्तरीय समिति प्रस्तावित नियमों का परीक्षण करेगी। समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद नियमों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।





