छिंदवाड़ा SP के खिलाफ गैर-जमानती वारंट, 1 अक्टूबर को हाईकोर्ट में पेशी; आदेश का पालन न होने पर सख्ती

छिंदवाड़ा SP के खिलाफ गैर-जमानती वारंट, 1 अक्टूबर को हाईकोर्ट में पेशी; आदेश का पालन न होने पर सख्ती
जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने अवमानना के एक मामले में छिंदवाड़ा पुलिस अधीक्षक अजय पांडे के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने SP को 1 अक्टूबर 2026 को कोर्ट के समक्ष पेश कराने के निर्देश दिए हैं। वारंट की तामीली की जिम्मेदारी जबलपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक को सौंपी गई है।
मामला एक पुलिसकर्मी की मृत्यु के बाद विभाग द्वारा की गई ₹2.24 लाख की रिकवरी से जुड़ा है। याचिकाकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि हाईकोर्ट के राहत देने वाले आदेश के बावजूद विभाग ने उसका पालन नहीं किया और अनुपालन रिपोर्ट भी अदालत में पेश नहीं की गई।
मृत पुलिसकर्मी के नाम पर की गई थी ₹2.24 लाख की रिकवरी
सुहागी, जबलपुर निवासी सीता तिवारी ने अधिवक्ता सचिन पांडे के माध्यम से अवमानना याचिका दायर की थी। याचिका के मुताबिक उनके पति छिंदवाड़ा पुलिस विभाग में पदस्थ थे। उनकी मृत्यु के बाद विभाग ने उनके खिलाफ ₹2.24 लाख की रिकवरी निकाली।
इस रिकवरी को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने रिकवरी संबंधी आदेश को निरस्त करते हुए राशि 8 प्रतिशत ब्याज के साथ वापस करने का आदेश दिया था। याचिका में आरोप है कि इस आदेश का अब तक पूरी तरह पालन नहीं किया गया।
6 नवंबर 2025 को जारी हुआ था अवमानना नोटिस
अवमानना मामले में हाईकोर्ट ने 6 नवंबर 2025 को नोटिस जारी किया था। इसके बावजूद अदालत के सामने आदेश के पालन की रिपोर्ट पेश नहीं की गई।
सुनवाई के दौरान रिकॉर्ड के आधार पर बताया गया कि छिंदवाड़ा SP की ओर से 11 फरवरी 2026 को गृह विभाग के अवर सचिव को पत्र भेजा गया था। इसमें अवमानना याचिका का नोटिस मिलने और आवश्यक मंजूरी के लिए गृह विभाग को पत्र भेजे जाने की जानकारी दी गई थी।
कोर्ट ने कहा- सिर्फ नोटिस मिलने की जानकारी देना पर्याप्त नहीं
हाईकोर्ट ने माना कि संबंधित अधिकारियों को मामले की जानकारी थी, इसके बावजूद अदालत के आदेश के पालन की रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई।
कोर्ट के अनुसार अधिकारियों को अधिवक्ता नियुक्त कर न्यायालय के समक्ष अनुपालन रिपोर्ट पेश करनी चाहिए थी। नोटिस मिलने के बावजूद आदेश का पालन नहीं होना और न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं होना गंभीर स्थिति है। इसी आधार पर अदालत ने SP के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने के निर्देश दिए।
1 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होंगे SP
हाईकोर्ट ने छिंदवाड़ा SP को 1 अक्टूबर 2026 को न्यायालय के समक्ष पेश करने का आदेश दिया है। वारंट की तामीली जबलपुर रेंज के IG के माध्यम से कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मामले की अगली सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि अदालत के आदेश के अनुपालन और रिकवरी की राशि लौटाने को लेकर विभाग की ओर से क्या स्थिति प्रस्तुत की जाती है।
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